सोमवार, 25 सितम्बर 2023
  1. सामयिक
  2. ऑनलाइन पत्रकारिता का डेढ़ दशक
  3. वेबदुनिया के 15 वर्ष
  4. prabhu joshi- webduna
Written By
Last Updated : गुरुवार, 25 सितम्बर 2014 (19:59 IST)

भाषा से प्रेम करने वाले वेबदुनिया से जुड़ें- प्रभु जोशी

ख्यात चित्रकार और साहित्यकार प्रभु जोशी ने कहा कि चूंकि वेबदुनिया पहला हिन्दी पोर्टल है, इसलिए उसकी ऐतिहासिक भूमिका है।  

prabhu joshi
उस समय यह कहा जा रहा था कि हिन्दी में कोई पोर्टल संभव नहीं है और इंटरनेट के आते ही हिन्दी इस देश से विदा हो जाएगी या उसको हाशिये पर कर दिया जाएगा, लेकिन आज जब 15 साल बीत चुके हैं तो लगता है कि एक कदम जो उठाया गया था वह कितना सार्वदेशीय हो गया है। क्योंकि मैं खुद इसलिए जानता हूं कि जब भी वेबदुनिया पर मेरा कोई आर्टिकल, लेख या टिप्पणी जाती है तो मुझे न जाने कितने ही देशों से उस पर प्रतिक्रिया आती है, जो हिन्दी में रुचि रखते हैं।

वीडियो इंटरव्यू पर क्लिक करें...

निश्चित ही यह कार्य चुनौतीपूर्ण था। वेबदुनिया ने लगभग आंदोलन के स्तर पर यह यात्रा की। वेबदुनिया ने भाषा ही नहीं तकनीक को लेकर भी जो काम किया वह बहुत ही साहसपूर्ण है। मैं चाहता हूं कि वेबदुनिया से उन तमाम लोगों को जुड़ना चाहिए जो अपनी भाषा से प्रेम करते हैं। वेबदुनिया को 15 वर्ष पूर्ण करने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं।