वियतनाम में कब तक बिकेगा कुत्ते का मांस

पुनः संशोधित बुधवार, 10 अक्टूबर 2018 (15:11 IST)
file photo
प्रशासन ने राजधानी हनोई में लोगों से कहा है कि वह अपने खाने में कुत्ते के को शामिल ना करें। प्रशासन का तर्क है कि इसे खाने की आदत स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं है साथ ही इससे देश की छवि को नुकसान हो रहा है।

होंआग को ये याद ही नहीं है कि उन्होंने पहली बार कुत्ते का मांस कब खाया था। पुराना वक्त याद करना तो दूर, उनके लिए यह सोचना भी मुश्किल है कि कभी उन्हें अपने पसंदीदा मांस के बिना रहना पड़ेगा। होंआग महीने में दो बार कुत्ते का मांस जरूर खाते हैं। वियतनाम में कुत्ते और बिल्ली का मांस खाना एक आम बात है, लेकिन अब प्रशासन इस पर प्रतिबंध की कोशिश में जुटा हुआ है।


हाल में वियतनाम प्रशासन की ओर से इसे लेकर एक घोषणा भी की गई। इसके मुताबिक देश की राजधानी हनोई में अब कुत्ते और बिल्ली का मांस नहीं बेचा जाना चाहिए, क्योंकि ये पर्यटकों के बीच पसंद नही किया जाता। साथ ही इससे रेबीज जैसी बीमारी के फैलने का भी खतरा बना रहता है। इस घोषणा के बाद से इसे खाने वाले और बेचने वाले रेस्तरां मालिकों के बीच यह डर पैदा हो गया है कि कही सरकर पूरे देश में ही कुत्ते और बिल्ली के मांस पर पूरी तरह से प्रतिबंध न लगा दे।

होंआग कहते हैं, "मुझे समझ नहीं आता कि प्रशासन इस पर कैसे प्रतिबंध लगाएगा, क्योंकि इसकी मांग बहुत ज्यादा है।" वियतनाम के बड़े शहर हो ची मिन्ह में कम से कम चार ऐसे रेस्तरां हैं जहां कुत्ते का मीट मिलता है। लोग इस मीट को राइस वाइन और बियर के साथ बेहद चाव से खाते हैं। अपने तीन दोस्तों के साथ खाना खा रहे होंआग ने बताया, "हमारे लिए डॉग मीट खाना एक परंपरा है। यह हम लोगों के लिए चिकन या सीफूड खाने जैसा ही है।"

यह बात वियतनाम में रहने वाले और लोग भी मानते हैं। भोजन के अलावा कुत्ते का मांस इनके लिए विश्वास और आस्था से भी जुड़ा है। कई लोग मानते हैं कि महीने के आखिरी दिनों में कुत्ते को खाना पिछले हफ्तों में जमा हुई बुरी नजर और बुरी किस्मत से बचाता है। इसलिए महीने के आखिरी दिनों में यहां कुत्ते का मांस खिलाने वाले रेस्तरांओं में भीड़ लगी रहती है।


परंपरा बनाम अंतरराष्ट्रीय छवि
वियतनाम सरकार का इस मसले पर अलग ही नजरिया है। अधिकारी कह रहे हैं कि भोजन में शामिल डॉग मीट, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजधानी की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। अधिकारी यह भी मानते हैं कि इस तरह के मीट खाने से रेबीज जैसी बीमारी फैलने का डर बना रहता है। शहर हो ची मिन्ह में भी प्रशासन ने काफी कड़ा रुख कर रखा है। कुत्ते का मांस बेचने वाले शहर के सबसे बड़े बाजार में कुछ समय पहले ही छापा मारा गया। सरकारी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कई दुकानदारों पर बड़ी मात्रा में डॉग मीट रखने के चलते कड़ा जुर्माना भी लगा, क्योंकि ये दुकानदार मांस का स्रोत नहीं बता पाए थे। वियतनाम में पालतू कुत्तों की चोरी भी एक आम बात हैं। चोर कुत्ते चुरा कर रेस्तरां मालिकों को बेच देते हैं।

हो ची मिन्ह में पिछले दस सालों में कुत्ते का मांस बेच रहे दुकानदार चिन ने बताया, "दुकानदारों पर पिछले पांच सालों से दबाव बढ़ा है। अब दुकानदारों को काफी पारदर्शिता रखनी पड़ती है, उन्हें यह साफ करना होता है कि उनके पास डॉग मीट कहां से आ रहा है।" उन्होंने बताया, "मैं जो मांस बेचता हूं वह सप्लायर के पास से आता है। मेरे पास सभी जरूर कागज और लाइसेंस हैं। समाज हम पर नजर रख रहा है ऐसे में जरूरी है कि हम अपना कारोबार जितना साफ हो सके उतना साफ रखें।"

एक अनुमान के मुताबिक वियतनाम में हर साल 50 लाख कुत्ते खाएं जाते हैं। अकेले में ही हर साल 2 करोड़ से ज्यादा कुत्ते खाएं जाते हैं। पशु संरक्षक कुत्ते के मांस पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन करते हैं। पिछले कुछ सालों से देश के पशु अधिकार समूह रेस्तरांओं के मेन्यू से कुत्ते और बिल्ली के मांस वाली विवादित डिशों को हटाने के लिए मुहिम भी चला रहे हैं।

इनका कहना है कि कुत्ते और बिल्ली को इस तरह के मारना क्रूरता है, साथ ही लोगों में अपने पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर डर पैदा हुआ है। चिन भी डॉग मीट को बेचने के खिलाफ उठने वाली आवाजों से वाकिफ है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस पर प्रतिबंध लगाएगी तो वह यह मांस बेचना बंद कर देंगे। हालांकि उन्हें नहीं लगता कि यह प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इस पर प्रतिबंध लगाना संभव होगा क्योंकि देश में डॉग मीट खाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।"
रिपोर्ट: आते होएक्स्त्रा




और भी पढ़ें :