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Last Updated : मंगलवार, 20 जनवरी 2026 (15:56 IST)

10 साल की नौकरी के बाद EPS के तहत हर महीने कितनी बनेगी PF पेंशन, जानिए पूरा नियम

EPFO Pension Formula
EPS Pension Formula: अगर आपने 10 साल या उससे अधिक समय तक किसी कंपनी में नौकरी की है और आपकी सैलरी से EPFO में योगदान कटता रहा है, तो आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि EPS (Employees Pension Scheme) के तहत आपको हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी। पेंशन की गणना किस फॉर्मूले से होती है, न्यूनतम सेवा अवधि क्या है और किन कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलता है—यहां आसान भाषा में पूरा नियम समझिए।

क्या है EPFO पेंशन का फॉर्मूला?

यदि व्यक्ति ने किसी संस्थान में या फिर संयुक्त रूप से 10 साल या उससे अधिक समय तक नौकरी की है और इस अवधि में नियमित रूप से उसका पीएफ कटता रहा है तो वह पेंशन का हकदार होगा। लेकिन, पेंशन के लिए कम से कम 10 साल की नौकरी होना जरूरी है। ईपीएफओ के फॉर्मूले के मुताबिक कोई भी व्यक्ति बहुत ही आसानी से हर माह मिलने वाली अपनी पेंशन की राशि का पता कर सकता है। 
 
यह फॉर्मूला इस तरह है- पेंशन योग्य वेतनxनौकरी के वर्ष/70... पेंशन अंतिम 5 साल (60 महीने) के औसत वेतन (पेंशन योग्य) के आधार पर निर्धारित की जाती है। उदाहरण के लिए 10 साल की सेवा के दौरान अंतिम 5 वर्षों के पेंशन योग्य वेतन का औसत 15000 है। 15000 में सेवा के वर्षों का गुणा करें फिर इसमें 70 का भाग दे दें, आपकी पेंशन की राशि निकल आएगी। वर्तमान में ईपीएफओ द्वारा न्यूनतम पेंशन 1000 रुपए दी जाती है, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 7500 रुपए है। पेंशन योग्य वेतन से तात्पर्य व्यक्ति की बेसिक सैलरी से है। यदि डीए मिलता है तो वह भी बेसिक में जुड़ता है। 
 
अगर कोई कर्मचारी 10 साल की सेवा पूरी करता है और उसका पेंशन योग्य वेतन 15000 रुपए है, तो इस स्थिति में अनुमानित मासिक पेंशन करीब 2140 रुपए के आसपास बनती है। हालांकि, यह राशि सेवा अवधि बढ़ने के साथ बढ़ती जाती है। उदाहरण के तौर पर 20 या 25 साल की नौकरी करने पर EPS पेंशन कहीं ज्यादा हो सकती है।
 

किस उम्र से मिलती है EPFO पेंशन? 

कोई भी व्यक्ति 58 वर्ष पूरे होने के बाद अपनी EPFO पेंशन शुरू करवा सकता है। नौकरी छूटने या छोड़ने की स्थिति में पेंशन 50 वर्ष पूरे होने के बाद ही शुरुआत करवाई जा सकती है। हालांकि ऐसी स्थिति में पेंशन कम मिलती है। इस तरह की पेंशन 58 वर्ष पूरे होने के बाद भी कम ही मिलती है। 10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारी पेंशन के बजाय पेंशन राशि निकासी (Withdrawal Benefit) के पात्र होते हैं। इसलिए नौकरी बदलते समय PF और EPS खाते को ट्रांसफर करना भविष्य की पेंशन के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala   
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