ज्यादातर धारावाहिकों में स्त्री के किरदार या तो बहू के होते हैं या फिर सास के। इनमें से कुछ रोती रहती हैं और बची हुई दूसरों को रुलाने के नए-नए तरीके ढूंढती रहती है। जी टीवी पर 7 नवंबर से शुरू हो रहा धारावाहिक 'हिटलर दीदी' इस मायने में अलग है क्योंकि ऐसा महिला पात्र भारतीय टेलीविजन पर आज तक नहीं देखा गया है। ये कहना है जी टीवी के हेड ऑफ फिक्शन प्रोग्रामिंग सुकेश मोटवानी का।
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सुकेश के मुताबिक यह इंदिरा शर्मा नामक ऐसी लड़की की कहानी है जो हंसना, सपने देखना और प्यार करना भूल गई है। अनुशासन का भूत उस हमेशा सवार रहने के कारण गुस्सा हमेशा उसकी नाक पर रहता है। यही कारण है कि सभी उसे देख दूर भागते हैं चाहे वो सब्जी वाला हो या घर के सदस्य कि पता नहीं इंदिरा कब किससे किस बात पर नाराज हो जाए। इसीलिए उसे हिटलर दीदी का नाम दे दिया गया है।
आखिर इंदिरा ऐसी क्यों है? क्यों वो अपनी उम्र की लड़कियों की तरह खिलखिलाती नहीं है? जीवन की परिस्थितियों ने इंदिरा को ऐसा बना दिया है। अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी युवा इंदिरा के कंधों पर है और उसका एक ही मकसद है कि अपने परिवार का भला करना। घर तथा काम दोनों मोर्चों पर रोजाना पैदा होने वाली चुनौतियों का सामना करते हुए इंदिरा अपनी विनोद तथा भावनात्मक संवेदनाएं खो चुकी हैं।
हिटलर दीदी के इस सख्त और गुस्सैल साम्राज्य में मुस्कराहट के फूल तब खिलते हैं जब ऋषि का आगमन होता है। यह बदलाव परिवार वालों के लिए ताजे हवा के झोंके जैसा है। ऋषि और इंदिरा के स्वभाव में जमीन-आसमान का अंतर है। जाहिर है दोनों की भिड़ंत होती है और यह क्या गुल खिलाती है, यह धारावाहिक में देखने को मिलेगा।
इंदिरा का किरदार निभा रही हैं रति पांडे। रति और उनके किरदार इंदिरा में जरा भी समानता नहीं है। रति कहती हैं 'मेरी जैसी हमेशा चहकने वाली लड़की के लिए यह किरदार निभाना थोड़ा कठिन है, लेकिन एक एक्टर के रूप में मैंने इस चैलेंज को स्वीकारा है। मुझे इंदिरा का किरदार पसंद है क्योंकि उसके इरादे मजबूत है और तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना बड़ी कुशलता के साथ करती है।'
इस शो की शूटिंग नई दिल्ली के प्रसिद्ध स्थानों पर की गई है और रति के अलावा रितुराज सिंह, सेजल शाह, संदीप बासवान, स्मिता सिंह तता सुमित वत्स ने मुख्य भूमिका निभाई है।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें