शराफत का मारा बिग बॉस थ्री
बिग बॉस सीजन थ्री, पिछले दोनों कार्यक्रमों के मुकाबले बेहद कमजोर जा रहा है। टीआरपी की वाट लगी पड़ी है और लोगों को उससे ज्यादा दिलचस्पी है दूसरे कार्यक्रमों में। इस बार यहाँ राजू श्रीवास्तव भी हैं। इसके बावजूद अगर शो में दिलचस्पी कम हो रही है, तो उसका कारण हैं पूनम ढिल्लन। पूनम ढिल्लन सबसे ज्यादा चालाकी के साथ गेम खेल रही हैं। भली औरत, सभ्य औरत के कैरेक्टर में वे ऐसी घुसी हैं कि निकल ही नहीं रहीं। उनका प्रभाव कुछ ऐसा है कि उनके रहते यहाँ बहुत बदमाशी, बहुत पंगा, बहुत गाली-गुफ्तार, बहुत लफड़ा नहीं हो सकता। उनके आते ही सब भीगी बिल्ली से बन जाते हैं। उनकी मौजूदगी ही इतनी ताकतवर है कि सबको सभ्य बना देती है। कुछ भले लोग अपने तक सीमित रहते हैं। वे खुद भले रहते हैं पर उनकी प्रेजेंस दूसरों को भला रहने की प्रेरणा नहीं देती। मिसाल के तौर पर इस्माइल दरबार। मगर पूनम ढिल्लन की सभ्यता संक्रामक है। बाहर की दुनिया में ये गुण लाख रुपए का है, मगर बिग बॉस के घर में यह अवगुण है। यहाँ पूनम ढिल्लन जैसी शांत महिला नहीं चाहिए। यहाँ चाहिए संभावना सेठ, राखी सावंत, कश्मीरा शाह...। यहाँ आग में घी डालने वाली शख्सियतें चाहिए, आग पर पानी डालने वाली नहीं। बिग बॉस के कर्ता-धर्ता भी इस बात को जानते हैं कि पूनम ढिल्लन ने घर का माहौल खराब कर रखा है। मगर वे भी क्या कर सकते हैं? भली औरत को कोई नॉमीनेट नहीं करता। भली औरत कोई ऐसी गलती नहीं करती कि उसे एलिमिनेट कर दिया जाए। झगड़ा-टंटा फैलाने के लिए अब कमाल खान को वापस लाया गया है। प्रतिभागियों में ईर्ष्या जगाने के लिए कमाल खान को बढ़िया फल और मनपसंद नॉनवेज खाना दिया जा रहा है, मगर झगड़ा है कि होकर भी नहीं हो रहा। कमाल खान को विंदू ने एक तमाचा भी मारा और घसीट भी डाला। तब से कमाल खान की हिम्मत नहीं हो रही कि कुछ गड़बड़ करे। यानी कमाल खान को लाकर घर में गुंडागर्दी कराने वाला आइडिया भी फेल। इस बार बिग बॉस में चीजों का विज्ञापन और फिल्मों का प्रमोशन भी हद से ज्यादा हो गया है। बोरिंग प्रतियोगियों के अलावा एक खामी यह भी है कि दर्शक इस खेल को अच्छी तरह देख-समझ चुके हैं। एक कमी यह भी है कि जिन लोगों को बतौर सेलिब्रेटी यहाँ लाया गया है, उनको कोई देखना-जानना नहीं चाहता। राजू श्रीवास्तव को भी लोग गंभीर बातें करते देखना क्यों पसंद करने लगे? सो बिग बॉस सीजन थ्री नाकाम होता जा रहा है और नाकामी का सबसे बड़ा कारण है शराफत का नकाब, जो उतर ही नहीं रहा।