रोजर फेडरर अपने बच्चों को नहीं खेलने देंगे टेनिस
मेलबोर्न। 17 ग्रैंड स्लैम खिताबों के बादशाह स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर का नाम भले ही इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो लेकिन वह नहीं चाहते कि उनके बच्चे भी टेनिस खिलाड़ी बनें।
टेनिस जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले 34 वर्षीय फेडरर ने बुधवार को स्वीकारते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके बच्चे भी उनके नक्शे कदम पर चलें। फेडरर ने वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड में लगातार 16वीं बार प्रवेश किया। उन्होंने तीन सेटों तक चले दूसरे दौर के मुकाबले में यूक्रेन के एलेक्जांद्र दालगोपोलोव को 6-3, 7-5, 6-1 से हराया।
17 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन फेडरर ने कहा कि मैं अपनी बेटे-बेटियों का पूरा साथ दूंगा, फिर चाहे वे कुछ भी करना चाहें लेकिन मैं नहीं चाहता कि जो मैं अब कर रहा हूं, वे भी वहीं करें और मेरी तरह टेनिस खेलें। मैं उनका किसी और खेल में सहयोग करना चाहूंगा। फेडरर के 21 महीने के दो जुड़वां बेटे लेनी और लिओ भी हैं।
फेडरर की दो जुड़वां बेटियों छह वर्षीय चार्लेन रिवा और मायला रोस ने भी टेनिस खेलना शुरु कर दिया था लेकिन उनके पिता को उम्मीद है कि दोनों बेटियां इस खेल में अपना कॅरियर नहीं बनाएंगी। फेडरर ने कहा, 'मैं उनका समर्थन किसी दूसरे खेल में करना चाहूंगा। उन्हें ‘सुपर स्कायर’ बनना चाहिए, यह और भी ज्यादा रोमांचक होगा। जितना मैं टेनिस को अब पसंद करता हूं, मुझे पता नहीं कि अगले 20 वर्षों के बाद क्या होगा। मैं नहीं जानता।' (वार्ता)