शरद पूर्णिमा की रात आपके घर भी आएंगी मां लक्ष्मी, कर लीजिए ये काम


हर घर आती हैं मां लक्ष्मी, इन उपायों से करें प्रसन्न

सभी पूर्णिमाओं पूर्णिमा बहुत ही खास मानी जाती है। को चांद का सौन्दर्य और आभा एकदम अलग देखने को मिलती है।

शास्त्रों में शरद पूर्णिमा के बारे में कहा गया है कि इस रात को चांद की खूबसूरती देखने के लिए देवतागण स्वर्ग से पृथ्वी पर आते हैं।

देवी लक्ष्मी इस रात को पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं और हर घर में जाकर देखती हैं कौन-कौन इस रात को जगकर प्रभु का भजन जपता है। इसलिए इसको कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

शरद पूर्णिमा की रात को जो भी व्यक्ति सोता हुआ मिलता है माता लक्ष्मी उनके घर पर प्रवेश नहीं करती हैं। देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कुछ उपाय

शरद पूर्णिमा की रात को खीर बनाई जाती है और इस खीर को चांद की रोशनी में पूरी रातभर खुले आसमान में रख दिया जाता है। शरद पूर्णिमा पर चांद की किरणें अमृत बरसाती हैं और खीर में अमृत का अंश मिल जाता है। आर्थिक संपन्नता, सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए शरद पूर्णिमा की रात को जागरण किया जाता है।
शरद पूर्णिमा की रात देर तक जगने के बाद बिना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का नाम लिए नहीं सोना चाहिए। रात में जगने की वजह से इसको कोजागरी पूर्णिमा यानी जागने वाली रात भी कहते हैं। शरद पूर्णिमा की रात को खुले आसमान के नीचे रखी जाने वाली अमृत तुल्य खीर को प्रसाद में जरूर ग्रहण करना चाहिए।

शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन करने से सभी कर्जों से मुक्ति मिलती हैं इसीलिए इसे कर्जमुक्ति पूर्णिमा भी कहते हैं। इस रात्रि को श्रीसूक्त का पाठ,कनकधारा स्तोत्र ,विष्णु सहस्त्र नाम का जाप और भगवान कृष्ण का मधुराष्टकं का पाठ ईष्ट कार्यों की सिद्धि दिलाता है और उस भक्त को भगवान कृष्ण का सानिध्य मिलता है।
शरद पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी के स्वागत करने के लिए पूर्णिमा की सुबह-सुबह स्नान कर तुलसी को भोग, दीपक और जल अवश्य चढ़ाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। शरद पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी के मंत्र का जाप भी करना चाहिए।

मां लक्ष्मी को सुपारी बहुत ही प्रिय होती है। शरद पूर्णिमा पर सुबह माता की पूजा में सुपारी जरूर रखें। पूजा के बाद सुपारी पर लाल धागा लपेट कर उसका अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि से पूजन करके उसे तिजोरी में रखें, धन की कभी कमी नहीं होगी।
शरद पूर्णिमा की रात को जब चारों ओर चांद की रोशनी बिखरी हुई होती है, तब उस समय मां लक्ष्मी का पूजन करने से व्यक्ति को धन लाभ होता है। शरद पूर्णिमा की रात में हनुमानजी के सामने चौमुखा दीपक जलाएं।

* मां लक्ष्मी को मिश्री गंगाजल में मिलाकर चढ़ाएं।

* मां लक्ष्मी को लाल सितारों की चूनरी चढ़ाएं।

* दूध, मखाने, मिश्री, मक्खन, बताशे, रूई(कपास) चिरौंजी, खीर, सफेद फूल, चांदी की चूड़ियां और शहद आदि चांदी की थाली में सजाकर मां लक्ष्मी को चढ़ाएं और फिर चांदी की प्याली में खीर का भोग चंद्रमा को लगाएं।



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