रक्षा बंधन 2019 : कौन से शुभ मुहूर्त में बांधें राखी, भद्रा और पंचक की क्या है स्थिति?


वर्ष 2019 के त्योहारों की सुनहरी डोर श्रावण मास के साथ ही खुलने लगी है। वर्ष 2019 में पर्वों की हरियाली और रौनक आरंभ हो गई है। इस श्रृंखला का सबसे खास त्योहार राखी यानी रक्षा बंधन इस
बार बहुत विशेष दिन आ रहा है। और वह विशेष दिन है हमारा राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस।

रक्षा बंधन की परंपरा और इतिहास : देवयुग में देवताओं और असुरों में युद्ध छिड़ा। लगातार चलता रहा और अंतत: असुरों ने देवताओं पर विजय प्राप्त कर देवराज इंद्र के सिंहासन सहित तीनों लोकों को जीत लिया। इसके बाद इंद्र देवताओं के गुरु, ग्रह बृहस्पति के पास के गए और सलाह मांगी। बृहस्पति ने इन्हें मंत्रोच्चारण के साथ रक्षा विधान करने को कहा।

श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन गुरु बृहस्पति ने रक्षा विधान संस्कार आरंभ किया। इस रक्षा विधान के दौरान मंत्रोच्चारण से रक्षा पोटली को मजबूत किया गया। पूजा के बाद इस पोटली को देवराज इंद्र की पत्नी शचि(इंद्राणी) ने इस रक्षा पोटली के देवराज इंद्र के दाहिने हाथ पर बांधा। इसकी ताकत से ही देवराज इंद्र असुरों को हराने और अपना खोया राज्य वापस पाने में कामयाब हुए।

इस श्रावण मास में लंबे अर्से बाद 15 अगस्त के दिन चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र में स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का संयोग उपस्थित हो रहा है।

स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की रात्रि नौ बजे के बाद पंचक शुरू हो रहा है इसलिए इससे पूर्व राखी बंधवाना श्रेष्ठ होगा।
रक्षाबंधन के दिन राष्ट्रीय पर्व होने से देश भर में विशेष उमंग और उत्साह का वातावरण होगा। राखियां भी तिरंगे की ही मिलेगी। दूसरी तरफ देशभक्ति में परंपरा का रस घुलेगा। हालांकि नौकरीपेशा के 1 अवकाश का नुकसान है पर दो त्योहारों का आनंद भी दुगना ही होगा।

इसी दिन योगी अरविंद जयंती भी है। मदर टेरेसा जयंती और संस्कृत दिवस भी इसी दिन आ रहा है।

इस बार क्या है रक्षा बंधन पर्व मुहूर्त 2019
रक्षा बंधन 2019

15 अगस्त

रक्षा बंधन अनुष्ठान का समय- 05:53 से 17:58

अपराह्न मुहूर्त- 13:43 से 16:20

पूर्णिमा तिथि आरंभ – 15:45 (14 अगस्त)

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 17:58 (15 अगस्त)
भद्रा समाप्त: सूर्योदय से पहले


 

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