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कुंभ नगरी प्रयागराज में स्थित है सभी के मठ और आश्रम

गुरुवार,जनवरी 24, 2019
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कुंभ नगरी प्रयागराज में प्राचीनकाल से अष्टनायक विराजमान हैं। यदि आप प्रयागराज के कुंभ मेले में स्नान करने जा रहे हैं तो आपको संगम स्नान के साथ ही इन अष्यनायकों का दर्शन और पूजन जरूर करना चाहिए। यह बहुत ही प्राचीन और पवित्र स्थान हैं। पुराणों में इन ...
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नववर्ष 2019 के आगमन के साथ ही सनातन धर्म के महापर्व 'कुम्भ' का आगाज भी हो जाएगा। वर्ष 2019 में कुम्भ महापर्व का प्रथम शाही स्नान मकर संक्रांति को होने जा रहा है जिसमें देश के प्र
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हिंदू धर्मग्रंथ के अनुसार इंद्र के बेटे जयंत के घड़े से अमृत की बूंदे भारत में चार जगहों पर गिरी- हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और प्रयाग।
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तीर्थों में प्रमुख प्रयागराज का महत्व ऋगवेद के काल से ही बना हुआ है। पवित्र गंगा और यमुना नदी के संगम तट पर बसे इस शहर की महिमा का वर्णन महाभारत, अग्निपुराण, पद्मपुराण और सूर्यपुराण में मिलता है। यहां पर दुनिया के सभी ऋषि-मुनि, बुद्ध, तीर्थंकर, ...
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अक्षय वट संगम के निकट सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। यह बरगद का बहुत पुराना पेड़ है जो प्रलयकाल में भी नष्ट नहीं होता। पर्याप्त सुरक्षा के बीच संगम के निकट किले में अक्षय वट की एक डाल के दर्शन कराए जाते हैं। पूरा पेड़ कभी नहीं दिखाया जाता। इस तरह ...
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