युवाओं ने भाजपा पर जताया ज्यादा भरोसा

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 18 मई 2014 (13:59 IST)
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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में इस बार पहली बार मतदान करने वाले करीब 2.31 करोड़ युवा मतदाताओं पर राजनीतिक दलों की पैनी नजर थी और चुनाव में भाजपा को के मुकाबले युवाओं का समर्थन अधिक प्राप्त हुआ।


एक रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव में भाजपा को 39 प्रतिशत युवाओं का समर्थन मिला जबकि कांग्रेस में 19 प्रतिशत युवाओं ने भरोसा जताया। युवाओं के सहयोग से दिल्ली में सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी प्रदेश में एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही हालांकि वह कांग्रेस को तीसरे स्थान पर धकेलने में सफल रही।

राजनीतिक दलों ने नए मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए सोशल मीडिया तथा अन्य सूचना एवं संचार सुविधाओं का जबर्दस्त उपयोग किया था। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार देश के 81.45 करोड़ मतदाताओं में 2.31 करोड़ की आयु 18-19 वर्ष के बीच थी, जो कुल मतदाताओं का 2.8 प्रतिशत है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के 1.27 करोड़ मतदाताओं में 3.37 लाख मतदाताओं की आयु 18-19 वर्ष के बीच थी, जो कुल मतदाताओं का 2.7 प्रतिशत थी। चुनाव में 1-1 मतों के महत्व को ध्यान रखते हुए विभिन्न दल इस युवा वर्ग को अपने पाले में लाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे थे।


लोकसभा की करीब 30 प्रतिशत सीटों के सोशल मीडिया से प्रभावित होने की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए राजनीतिक दल ने मतदाताओं से सीधे संपर्क जैसे परंपरागत माध्यम से चुनाव प्रचार करने के साथ सूचना एवं संचार सुविधाओं का जबर्दस्त उपयोग किया था।
भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पार्टी ने चुनाव प्रचार के परंपरागत तरीके पर ही ज्यादा जोर दिया। सोशल मीडिया से युवा काफी संख्या में जुड़े हैं और चुनाव में इस वर्ग का काफी महत्व रहा। इस वर्ग तक सूचना एवं संपर्क के रूप में इंटरनेट, फेसबुक, ट्विटर आदि को आगे बढ़ाया गया। इसका हमें चुनाव में लाभ मिला।

सोशल मीडिया पर अपने अभियान को गति देने और लोगों तक पहुंचने के प्रयास के तहत भाजपा ने ‘मिशन 272 प्लस’ के तहत 60 स्वयंसेवकों की एक टीम बनाई थी जिन्हें लोगों तक ‘सकारात्मकता के संदेश’ के साथ जुड़ने का दायित्व सौंपा गया था और इन्हें 2 लाख लोगों में से चुना गया था।
राहुल गांधी के अगुवाई में कांग्रेस ने भी ‘युवा जोश’ जैसे अभियान के साथ युवाओं को जोड़ने की पहल की है। कांग्रेस ने युवाओं को जोड़ने के लिए एक टीम भी बनाई है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 28 राज्यों एवं 7 केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा एवं नागर हवेली में कुल मतदाताओं में 9.88 प्रतिशत युवा मतदाता (18-19 वर्ष) है जबकि झारखंड में कुल मतदाताओं में 9.03 प्रतिशत युवा मतदाता हैं।
अंडमान-निकोबार में सबसे कम 1.1 प्रतिशत युवा मतदाता हैं। हिमाचल प्रदेश में कुल मतदाताओं का 1.3 प्रतिशत युवा मतदाता हैं। हिमाचल की चारों सीटें भाजपा के खाते में गईं।

उत्तरप्रदेश में 18-19 वर्ष के 38.1 लाख मतदाता हैं जबकि पश्चिम बंगाल में 20.8 लाख 18-19 आयु वर्ग के मतदाता हैं।

उत्तरप्रदेश की 80 सीटों में से 71 पर भाजपा ने जीत दर्ज की। पश्चिम बंगाल में युवाओं की हिस्सेदारी से भाजपा को अपना वोट प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिली।
दिल्ली की उत्तर-पश्चिम सीट पर 18-19 वर्ष के 61,760 मतदाता हैं, वहीं पश्चिम दिल्ली सीट पर 55,620, उत्तर-पूर्व सीट पर 54,889, पूर्वी दिल्ली सीट पर 46,574 युवा मतदाता थे। दिल्ली की सभी 7 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। (भाषा)



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