फेसबुक पर फतवा टला
इंडोनेशिया में इमामों ने लिया फैसला
इंडोनेशिया में कई दिनों से फेसबुक के उपयोग पर बहस छिड़ी हुई थी। लेकिन अब मुस्लिम इमामों ने अनुयायियों को फेसबुक के उपयोग की इजाजत दे दी है बशर्तें कि वे इसका उपयोग अपने काम और मित्रों से संपर्क के लिए करें न कि गोसिपिंग या फ्लर्ट के लिए।इंडोनेशिया के सुराबाया में हुई इमामों की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। करीब 700 इमाम अपने अनुयायियों द्वारा की जाने वाली सर्फिंग के लिए निर्देश तय करने पर सहमत हो गए हैं। यह निर्णय फेसबुक के बारे में मिली ऐसी शिकायतों के बाद लिया गया है जिसमें फेसबुक के जरिए अश्लील सामग्री संप्रेषित करने की बात कही गई है। बैठक में कहा गया कि अगर फेसबुक का इस्तेमाल गप्पेबाजी और अफवाहें फैलाने के लिए किया जा रहा है तो यह वर्जित है। साथ ही यूजर्स अश्लील व्यवहार पर खुल्लमखुल्ला प्रश्न करने या इसे किसी भी तरह से बढ़ावा देने के लिए फेसबुक का उपयोग नहीं कर सकते।दूसरी तरफ इमामों ने फेसबुक के कई फायदों को भी माना है। फेसबुक बातचीत का समय बचाने वाला तरीका है। इससे भावी दम्पतियों को एक दूसरे को जानने समझने का मौका मिलता है।फेसबुक ने अभी इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं दी है लेकिन अपनी सफाई में कहा है कि लोग फेसबुक का उपयोग अपने मित्रों व परिवार से संपर्क करने और दुनिया भर में हो रही गतिविधियों को जानने के लिए करते हैं। कई लोग और संगठन सकारात्मक एजेंडा तैयार करने में फेसबुक की मदद लेते हैं।इंडोनेशिया एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है जिसकी आबादी 2 करोड़ 35 लाख है जिसमें से 90 प्रतिशत लोग मुसलमान हैं। फेसबुक का उपयोग यहाँ याहू और गूगल से भी ज्यादा होता है। हालाँकि इस आदेश का कोई कानूनी महत्व नहीं है फिर भी यह उलेमा काउंसिल द्वारा अनुमति प्राप्त है जिसने हाल ही में धूम्रपान और योगा के विरुद्ध फतवा जारी किया था। कट्टर मुसलमान इस काउंसिल के आदेश का पालन करते हैं क्योंकि फतवा का उल्लंघन एक अपराध माना जाता है।