ईद का त्योहार नजदीक है। पूरे देश में बहुत उत्साह और उमंग के साथ ईद का त्योहार मनाया जाता है। आम लोगों की तरह कुछ खास सेलिब्रिटी भी यह त्योहार बहुत जोश और उमंग के साथ मनाते हैं।
पत्रकारिता जगत का जाना-माना नाम सईद अंसारी से हमने बात की और जानना चाहा कि वे इस त्योहार को किस तरह से मनाते हैं। सहारा और स्टार में काम कर चुके सईद अंसारी र बीएजी फिल्म्स के एसोसिएट एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं।
हर शख्स की तरह वे भी हृदय से पूरी तरह भारतीय हैं और हर त्योहार को उसी धूमधाम और जोशोखरोश के साथ मनाते हैं। आज की व्यस्तता और दौड़भाग भरी जिंदगी में भी उन्हें रोजे रखने और पूरी दृढ़ता के साथ उसका पालन करने का वक्त मिल जाता है या यूँ कहेंकि वे वक्त निकाल लेते हैं। बिना कुछ खाए-पिए लगातार न्यूज पढ़ना और रिपोर्टिंग करना आसान नहीं होता, लेकिन कहते हैं न जहाँ चाह, वहाँ राह। सईद बताते हैं कि इतनी व्यस्तताओं के बावजूद आज तक उनका रोजा कभी छूटा नहीं। लेकिन काम के कारण उन्हें कई बार ऑफिस में ही इफ्तारी करनी पढ़ती है और मजे की बात यह है कि वह भी पिज्जा-बर्गर खाकर।
ईद का त्योहार नजदीक है। पूरे देश में बहुत उत्साह और उमंग के साथ ईद का त्योहार मनाया जाता है। आम लोगों की तरह कुछ खास सेलिब्रिटी भी यह त्योहार बहुत जोश और उमंग के साथ मनाते हैं।
उनकी पूरी कोशिश होती है कि ईद का त्योहार वह अपने परिवारजनों के बीच ही मनाएँ। और वह ऐसा करते भी हैं। लेकिन अगर कभी यह संभव न भी हो पाए तो उनके मीडिया के साथी उन्हें इसकी कमी बिल्कुल महसूस नहीं होने देते।
सईद का मानना है कि मीडिया के लोगों के बीच जातीय भेदभाव और सांप्रदायिक भावनाएँ बिल्कुल नहीं होतीं। वे सभी मिल-जुलकर हर त्योहार मनाते हैं और उसका लुत्फ उठाते हैं।
सभी की तरह सईद को भी ईद की सेंवइयों और पिता से मिलने वाली ईदी का बेसब्री से इंतजार होता है। बचपन से ईदी की यह प्रतीक्षा उसी तरह कायम है। अपने अब्बा से मिलने वाली ईदी को वह वालिद की निशानी समझकर हमेशा अपने पास सुरक्षित रखते हैं। सेंवइयाँ उनके पसंदीदा पकवानों में से एक हैं।