* शास्त्रों में वर्णित हैं पुरोहित के लिए मर्यादाएं व नियम, जानिए कर्मकांड हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। बिना पूजा-पाठ व कर्मकांड के कोई भी हिन्दू उत्सव पूर्ण नहीं होता है। बिना श्रेष्ठ व योग्य पुरोहित के कोई भी कर्मकांड संपन्न होना असंभव है। यदि किसी...