शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2023
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महान वीरांगना रानी दुर्गावती, दे दिया बलिदान लेकिन नहीं झुकीं दरिंदे अकबर के सामने

मंगलवार,अगस्त 23, 2022
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Azadi ka amrit mahotsav: झांसी की रानी : झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवंबर 1828 में हुआ था। बचपन में उनका नाम मणिकर्णिका था। सब उनको प्यार से 'मनु' कहकर पुकारा करते थे। सिर्फ 4 साल की उम्र में ही उनकी माता की मृत्यु हो गई थी ...
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10 मई 1857 का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों से अंकित है, क्योंकि भारत को आजादी दिलाने की पटकथा इसी दिन मेरठ से लिखी गई। मेरठ से 85 सैनिकों ने चर्बी लगे कारतूस का प्रयोग न करने का विरोध करते हुए जो बिगुल फूंका, वह पूरे देश में क्रांति का ...
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देश को आजाद हुए 15 अगस्त से 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और हम सभी देशवासी हर्षोल्लास के साथ जश्न मना रहे हैं। इन 75 वर्षों में हम आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले क्रांतिकारियों से जुड़े स्थानों को संजोकर नहीं रख पाए। ऐसा ही एक किला कानपुर ...
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लखनऊ। उत्तरप्रदेश के लखनऊ में जहां आज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) बनी हुई है, कभी यहां पर अभेद्य दुर्ग मच्छी भवन होता था और एक समय पर इस भवन में नवाबों का कब्जा होता था। लेकिन एक ऐसा समय आया, जब यहां पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और ...
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इतिहास में पढ़ाया जाता है कि लुटेरे शाहबुद्दीन मोहम्मद गौरी से पृथ्वीराज चौहान हार गए थे। लेकिन यह एक अधूरा सत्य है। आओ जानते हैं वीर सम्राट पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के युद्ध की स्टोरी।
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The Great Maharana Pratap: वर्षों से महाराणा प्रताप की महानता को दबाया गया है। उनके सामने तुर्क विदेशी सम्राट अकबर को महान बताया जाता रहा है, जबकि अकबर एक क्रूर शासक था और जिसमें महानता के जरा भी गुण नहीं थे। अकबर भारत के कई राजाओं से युद्ध हारा था। ...
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History of Vishnu dhruv stambha Qutub Minar : कुतुब मीनार को ध्रुव स्तंभ या विष्णु स्तंभ कहे जाने की बात एक बार फिर उठी है। हिन्दू इतिहास के जानकार कहते हैं कि पहले यह एक वैधशाला थी जहां पर से खगोलीय घटनाओं को देखकर दर्ज किया जाता था। 2.5 मीटर ऊँची ...
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The Kashmir Files: 'वेबदुनिया' ने बात की कश्मीरी पंडितों से, पीड़ितों से, चश्मदीदों से...हमने बात की उनसे जिन्होंने देखा, भोगा, सहा, झेला और जिया है...। उसी कड़ी में जानिए एक कश्मीरी महिला की कहानी, जो अपने बचपन में किस तरह अपने पिता के साथ ...
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कन्नौज के महान सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर फिलहाल विवाद चल रहा है, लेकिन जानकार करते हैं सूर्यवंशी, चंद्रवंशी, अग्निवंशी, ऋषिवंशी, नागवंशी, भौमवंशी आदि वंशों में बंटा हुआ है छत्रिय वंश। जहां तक गुर्जर समुदाय की बात हैं वे सभी सूर्यवंशी हैं। ...
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पाकिस्तान, बांग्लादेश और बर्मा की तरह ही अफगानिस्तान पहले भारत का हिस्सा हुआ करता था। करीब 3,500 साल पहले एकेश्वरवादी धर्म की स्थापना करने वाले दार्शनिक जोरास्टर यहीं रहते थे। 13वीं शताब्दी के महान कवि रूमी का जन्म भी अफगानिस्तान में ही हुआ था। ...
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विभाजन या बंटवारा किसी देश, भूमि या सीमा का नहीं होता। विभाजन तो लोगों की जिंदगी, भावनाओं का हो जाता है जो हमेशा के लिए उनको इतने गहरे जख्म दे जाता है कि वह उनकी खुद की और आने वाली नस्लों की जिंदगी को झिंझोड़ कर रख देता है। 1857 से 1947 तक 90 साल के ...
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मध्यकालिन भारत की शुरुआत सम्राट हर्षवर्धन (590-647) से होती है। हर्षवर्धन का दक्षिण भारत के सम्राट पुलकेशी द्वितीय (शासनकाल 609-642) से हुआ था। इसी काल में कश्मीर में बहुत ही शक्तिशाली सम्राट ललितादित्‍य (सन् 697 से सन् 738) का राज्य भी रहा था। इसी ...
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मध्यकालिन भारत की शुरुआत सम्राट हर्षवर्धन (590-647) से होती है। हर्षवर्धन का दक्षिण भारत के सम्राट पुलकेशी द्वितीय (शासनकाल 609-642) से हुआ था। इसी काल में कश्मीर में बहुत ही शक्तिशाली सम्राट ललितादित्‍य (सन् 697 से सन् 738) का राज्य भी रहा था। इसी ...
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कश्मीर में लोहरवंशी की एक रानी थी जिसे लोग लंगड़ी और चुडैंल रानी कहते थे, परंतु वह बहुत ही बहादुर और सुंदर थी। उसके चर्चे संपूर्ण भारत में थे। प्राचीन संस्कृत कवि कल्हण ने कश्मीर के इतिहास की सबसे शक्तिशाली महिला शासक दिद्दा का उल्लेख किया है। आखिर ...
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Mahmud Ghaznavi, Muhammad bin Qasim, Raja Dahir, History of India, Medieval History of India, Medieval Period, Islamic Invasion of India, महमूद गज़नवी, मुहम्मद बिन कासिम, राजा दाहिर, भारत का इतिहास, भारत का मध्यकालीन इतिहास, मध्यकाल, भाररत पर ...
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गुप्त वंश के पतन के बाद मध्यकाल की शुरुआत होती है। उत्तर भारत में राजा हर्षवर्धन (590-647) सबसे शक्तिशाली राजा थे तो दक्षिण भारत में चालुक्य वंश के सबसे बड़े राजा पुलकेशी द्वितीय थे। बाकी छोटे-छोटे स्वतंत्र लेकिन शक्तिशाली राज्य भी थे। जैसे आज का ...
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शक, कुषाण और हूणों के पतन के बाद भारत का पश्‍चिमी छोर कमजोर पड़ गया, तब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्से फारस साम्राज्य के अधीन थे तो बाकी भारतीय राजाओं के, जबकि बलूचिस्तान एक स्वतंत्र सत्ता थी। 7वीं सदी की शुरुआत के दौरान भारत के अफगानिस्तान ...
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विजयनगर साम्राज्य (लगभग 1350 ई. से 1565 ई.) की स्थापना राजा हरिहर ने की थी। 'विजयनगर' का अर्थ होता है 'जीत का शहर'। मध्ययुग के इस शक्तिशाली हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के बाद से ही इस पर लगातार आक्रमण हुए लेकिन इस साम्राज्य के राजाओं से इसका कड़ा ...
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गुजरात प्रांत के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे सोमनाथ नामक विश्वप्रसिद्ध मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों से एक स्थापित है। पावन प्रभास क्षेत्र में स्थित इस सोमनाथ-ज्योतिर्लिंग की महिमा महाभारत, श्रीमद्भागवत तथा स्कंद पुराणादि में विस्तार से ...
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