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मेरे लिए एक चमत्कार की तरह 'स्टार्टअप इंडिया' में प्रधानमंत्री के साथ संवाद
लेखक-पत्रकार की भूमिका के साथ-साथ अब एक स्टार्टअप का डायरेक्टर भी हूं। हालांकि ये प्रयास 100 फीसदी डॉ. शैलेष खर्कवाल का ... -
देश में आदर्श शहरों की जरूरत, ये किया, तो बुरहानपुर भी बन सकता है सिंगापुर
देश में आदर्श शहरों की जरूरत, ये किया तो बुरहानपुर भी बन सकता है सिंगापुर जिसके पास जो कुछ होता वो उसकी कद्र नहीं करता। ... -
कवि ही नहीं, बेहतरीन इंजीनियर भी थे रहीम
रहीम सिर्फ कवि ही नहीं एक बेहतरीन इंजीनियर भी थे, बुरहानपुर के कुंडी भंडारा के जरिए वो किया जिसे देखकर आधुनिक विज्ञान ... -
उपासना के लिए किसी को जेल भेजा जा सकता है?
आजन्म मां भगवती की उपासना करने वाले एक संत के बेटे ने जब पिता द्वारा स्थापित मंदिर के जबरदस्ती बंद किए गए पट को खुलवाने ... -
पुस्तक समीक्षा : भारत का असली इतिहास
"भारत का असली इतिहास"... यह शीर्षक है, हाल ही में श्री पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित की गई एक पुस्तक का। इस पुस्तक का ... -
पर्यावरण संत अनिल माधव दवे कर रहे थे एक बड़ी योजना पर काम, ये थी उनकी अंतिम इच्छा
शांत चित्त चेहरा, हमेशा बनी रहने वाली मुस्कान और गंभीरता से सभी की बात को सुनने की कला ये वो बातें हैं जो मेरे जेहन में ... -
हमारा इतिहास आज भी गुलाम है!
2 फरवरी 1835 को ब्रिटेन की संसद में 'थॉमस बैबिंगटन मैकाले' के भारत के प्रति विचार और योजना 'मैं भारत में काफी घूमा हूं। ... -
इतिहास के साथ खिलवाड़, एक सोची समझी साजिश!
कला ने हर विषय को समृद्ध किया है और ऐसे में कला के समाज को आगे बढ़ाने और उसे समृद्ध और सुंदर बनाने में दिए गए योगदान को ... -
मूर्ख हैं वो इतिहासकार, जो पद्मावती को काल्पनिक किरदार कहते हैं
हमारे आज के इतिहासकार जो कर रहे हैं, वही पुराने इतिहासकारों ने भी किया। इरफान हबीब और नजफ हैदर जैसे इतिहासकारों ने ... -
फर्जी है तख्तापलट, मुलायम अब भी अपने बबुआ के लिए मुलायम
किसी पार्टी को चुनाव से पहले क्या चाहिए? उसका कार्यकर्ता एक्टिवेट हो जाए और सड़कों पर मिठाई बांटने या रोने का उसे मौका ... -
नाम में ही सबकुछ रखा है साहब...
नाम में क्या रखा है? यह जुमला आम तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सच पूछिए तो नाम में ही सबकुछ रखा है। कुछ सालों ... -
सियासी फायदे के लिए नजरअंदाज कर रहे हैं नोटबंदी का ये बड़ा फायदा
राहुल गांधी कह रहे हैं कि वो संसद में नोटबंदी पर बोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा। उनके बोलने से क्या आएगा कहना मुश्किल है ... -
दाढ़ी बढ़ाना कट्टरपंथ नहीं लेकिन दाढ़ी के पीछे की जेहनियत कट्टरपंथ हो सकती है
जुनैद जमशेद पर लिखी गई मेरी एक टिप्पणी पर कई मुस्लिम भाइयों के कमेंट आए। इन सभी का कहना था कि संगीत छोड़कर कोई खुदा की ... -
राम हमारी आस्था के केंद्र थे.. हैं...और रहेंगे....
मेरे पिता वामपंथी विचारक हैं और उनके लेख और बातें हमेशा ही संघ और बीजेपी के प्रति तल्ख रहती हैं। एक इंटर स्कूल भाषण ... -
ब्रांड 'अम्मा' होने के मायने
चेन्नई में आई भीषण बाढ़ की रिपोर्टिंग के दौरान चेन्नई में काफी वक्त बीता था। कुछ दिनों तक तो हर जगह पानी ही पानी दिखाई ... -
मोदी जैसे बने रहना चाहते हैं नीतीश, लालू का साथ जहर पीने जैसा
राज्यसभा में शरद यादव जब नोटबंदी के विरोध में बोल रहे थे, तब अरुण जेटली ने यह कहते हुए चुटकी ली कि पहले अपनी पार्टी में ... -
नोटबंदी के खिलाफ कम, भारत बंद के खिलाफ ज्यादा जनाक्रोश दिखा!
प्रधानमंत्री मोदी के एक फैसले ने पूरे विपक्ष को लाम बंद कर दिया। विपक्ष की समस्या ये है कि उन्हें किसी भी कीमत पर विरोध ... -
सिमी आतंकी एनकाउंटर पर सवाल का मतलब आतंकियों की हिमायत
सिमी के आतंकियों की हिमायत करना ही ऐसे संगठनों को पनपाने के लिए जिम्मेदार है। भोपाल के नजदीक एनकाउंटर में मारे गए ... -
परिवार तो हैं लेकिन त्योहार नहीं, पुलिसवालों की जिंदगी में ...
1959 में पुलिस की एक बेहद छोटी टुकड़ी ने लद्दाख में दुश्मन के सामने असाधारण वीरता का परिचय दिया था। मातृभूमि की रक्षा ... -
मुहर्रम के बाद भी मातम क्यों?
मुहर्रम तो मातम का दिन है ही, लेकिन इसके बीत जाने के बाद भी कई घरों में मातम पसरा हुआ है। ये घर उन परिवारों के, जिनके ...
