सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को सकारात्मक दृष्टि से देखें
अवधेश कुमार | मंगलवार,जनवरी 27,2026
2026 गुजरात के सोमनाथ मंदिर के लिए दो कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक, 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर ...
अवैध कब्जा हटाने व दंगा आरोपियों को जमानत न मिलने पर ऐसा रवैया चिंताजनक
अवधेश कुमार | मंगलवार,जनवरी 20,2026
उमर खालिद और सर्जिल इमाम की जमानत याचिका छठी बार खारिज हुई है। दो बार ट्रायल न्यायालय में, दो बार दिल्ली उच्च न्यायालय ...
जी राम जी तथा इसके विरोध के मायने
अवधेश कुमार | मंगलवार,जनवरी 13,2026
कांग्रेस पार्टी ने जी रामजी के विरुद्ध देशव्यापी विरोध अभियान की घोषणा की है। कई अन्य दल भी इसके विरुद्ध मोर्चाबंदी कर ...
न्यायाधीश स्वामीनाथन पर महाभियोग की कोशिश भयभीत करने वाली
अवधेश कुमार | शनिवार,जनवरी 3,2026
मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन के विरुद्ध विपक्ष द्वारा पिछले संसद सत्र में महाभियोग ...
संघ द्वारा प्रकृति की पूजा की अपील सर्वथा उचित
अवधेश कुमार | मंगलवार,दिसंबर 30,2025
वे अपने अनुसार कर सकते हैं और करना चाहिए। उनकी पंक्ति देखिए- पर्यावरण और स्वच्छता की दृष्टि से अगर हम नदी की पूजा करते ...
भय पैदा करने वाली घटनाएं
अवधेश कुमार | शनिवार,दिसंबर 20,2025
हुमायूं कबीर ने बिना किसी रोक-टोक के हजारों मुसलमानों को इकट्ठा किया और पूरा वातावरण ऐसा था कि कोई रोकने जाता तो उसकी ...
एसआईआर पर बंगाल का दृश्य डरावना
अवधेश कुमार | शुक्रवार,दिसंबर 12,2025
विचार करने की बात है की एसआईआर यानी विशेष मतदाता निरीक्षण अभियान को लेकर अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दृश्य ...
अयोध्या में राम मंदिर, संपूर्ण देश के लिए स्थायी प्रेरणा का स्रोत
अवधेश कुमार | शुक्रवार,दिसंबर 5,2025
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ शास्त्रीय परंपरा अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण हो गया। ...
आतंकवाद के ऐसे व्यापक तंत्र का उत्तर कैसे दें?
अवधेश कुमार | शुक्रवार,नवंबर 28,2025
हम और आप में से कितने लोगों ने थ्रीमा ऐप का नाम सुना है या उपयोग किया है? पता नहीं अभी इसमें और क्या-क्या जानकारियां ...
बिहार चुनाव: स्त्री-पुरुष समता, सामाजिक न्याय, विकास व हिंदुत्व का सम्मिलित परिणाम
अवधेश कुमार | गुरुवार,नवंबर 27,2025
बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम ने केवल उन लोगों को चौंकाया होगा जो वस्तुस्थिति से दूर कल्पनालोक में थे या भांपते हुए भी ...

