बेटियों से 10 किमी साइकल चलवाई!

खरगोन | Naidunia| पुनः संशोधित रविवार, 29 जनवरी 2012 (07:59 IST)
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एक अजीबोगरीब आदेश ने मासूम बच्चियों को बड़ी परेशानी में डाल दिया। आनन-फानन में उन्हें 10 किमी साइकल चलाकर उस समारोह में पहुँचना पड़ा, जो मूल रूप से उन्हीं के लिए रखा गया था। चंद अधिकारियों ने झूठी वाहवाही बँटोरने के इस खेल में बच्चियों की परेशानी को भी ताक पर रख दिया।


हम बात कर रहे हैं दो दिन पहले गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह की। डीआरपी लाइन में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथियों के सामने साइकलों पर सवार होकर गुजरी ये सभी बच्चियाँ शासकीय माध्यमिक विद्यालय बलवाड़ी की थीं। आदेश मिलते ही एक शिक्षक के साथ ये 16 छात्राएँ साइकलें चलाकर हाँफते हुए कार्यक्रम स्थल पहुँचीं। यही नहीं कार्यक्रम पश्चात प्रशासन ने इन बच्चियों से पानी तक का नहीं पूछा! इस बुरे बर्ताव से पालकों में रोष छा गया।


पानी तक नहीं हुआ नसीब


मुख्य समारोह में निकाली गई विभिन्ना विभागों की झाँकियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। झाँकियों के आगे छात्राओं को साइकल पर सवार कर निकाला गया। हैरानी की बात यह कि तमाम स्थानीय शैक्षणिक संस्थाओं की छात्राओं को छोड़कर 10 किमी दूर स्थित विद्यालय की छात्राओं को ऐनवक्त पर आदेश देकर बुलवाया। बताया जाता है कि इन छात्राओं को शिक्षक ने अपने खर्च पर ही स्वल्पाहार करवाया।

पालकों को भी निराशा

उधर शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष तुलसीराम पाटीदार ने दुःख व्यक्त किया कि ये छात्राएँ 15 दिन पहले से ही स्थानीय कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए अभ्यास कर रही थीं। अचानक मिले आदेश के कारण दोनों स्थानों के कार्यक्रमों में सही ढंग से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सकी। वहीं पालकों को अपनी बेटियों के कार्यक्रम नहीं देख पाने से निराशा हुई।-निप्र

...तो बेहतर व्यवस्था करते

गणतंत्र दिवस के दिन सुबह जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय से छात्राओं को भेजने का आदेश मिला। पहले सूचना मिलती तो बेहतर व्यवस्था के साथ भेजा जा सकता था। - अजय नारमदेव, प्राचार्य, शासकीय हाईस्कूल बलवाड़ी

जाँच करवाई जाएगी

समारोह के लिए सभी की अलग-अलग जवाबदारी होती है। छात्राओं को बुलवाने का निर्णय किसने लिया और किसके आदेश पर ये आईं, जाँच करवाई जाएगी। -डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, कलेक्टर, खरगोन




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