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विश्वनाथ प्रताप सिंह : बोफोर्स की तोप से निकला प्रधानमंत्री पद

गुरुवार,मार्च 7, 2019
Vishwanath Pratap Singh
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भारत में कम्प्यूटर क्रांति लाने वाले राजीव गांधी नेहरू-गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य थे। देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने का गौरव भी राजीव को हासिल है। इन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार भी कहा जाता है।
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अनेक भाषाओं के जानकार पीवी (पामुलापति वेंकट) नरसिंहराव संगीत, सिनेमा और थिएटर को अत्यंत पसंद करते थे। उनकी भारतीय संस्कृति और दर्शन में काफी रुचि थी। साहित्य में रुचि रखने वाले राव ने तेलुगु और हिन्दी में कविताएं भी लिखी थीं। वे स्पेनिश और फ्रांसीसी ...
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देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने आजादी की लड़ाई में गांधीजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया व देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बच्चों से विशेष स्नेह रखने के कारण इनका जन्मदिन 'बाल दिवस' के रूप में मनाया जाता है। ...
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद नरेन्द्र मोदी भाजपा से जुड़े। जब वे गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे तो उनका 'गुजरात मॉडल' काफी लोकप्रिय हुआ। इसी गुजरात मॉडल पर सवार होकर वे प्रधानमंत्री पद की कुर्सी तक पहुंच ...
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मोरारजी भाई देसाई भारत के ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने देश की पहली गैर कांग्रेसी सरकार का नेतृत्व किया था। कांग्रेस में रहते समय श्रीमती इंदिरा गांधी से उनके हमेशा वैचारिक मतभेद रहे। श्रीमती गांधी को उन्होंने 'गूंगी गुड़िया' तक कह दिया था।
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'जय जवान, जय किसान' का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री किसानों को जहां देश का अन्नदाता मानते थे, वहीं देश के जवानों के प्रति भी उनके मन में अगाध प्रेम था। वे एक प्रसिद्ध भारतीय राजनेता, महान स्वतंत्रता सेनानी और जवाहरलाल नेहरू और गुलजारीलाल नंदा ...
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इन्द्र कुमार गुजराल को राजनीति का भद्र पुरुष कहा जाता था। वे गुजराल नारी निकेतन न्यास एवं जालंधर के एएन गुजराल मेमोरियल स्कूल के अध्यक्ष, भारत-पाक मैत्री संस्था के अध्यक्ष, दिल्ली कला थिएटर के संस्थापक एवं अध्यक्ष, लोक कल्याण समिति के उपाध्यक्ष, ...
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श्रीमती इंदिरा गांधी कांग्रेस की महत्वपूर्ण शख्सियत रही हैं। इन्हें भारत की 'लौह महिला' (आयरन लेडी) कहा जाता है। वे राजनीति की निष्णात खिलाड़ी थीं। विरोधियों को खामोशी से धूल चटा देने में इन्हें महारथ हासिल थी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड ...
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एचडी देवेगौड़ा को राजनीतिक अनुभव और निचले तबके के लोगों तक उनकी अच्छी पहुंच ने राज्य की समस्याओं से निपटाने में मदद की। जब उन्होंने हुबली के ईदगाह मैदान का मुद्दा उठाया, तब उनकी राजनीतिक विलक्षणता की झलक सभी ने फिर से उनमें देखी थी। यह अल्पसंख्यक ...
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कांग्रेस नेता गुलजारीलाल नंदा ऐसे एकमात्र व्यक्ति थे, जो दो बार देश के प्रधानमंत्री बने, लेकिन दोनों ही बार कार्यवाहक। देश के दूसरे प्रधानमंत्री नंदा सादगीपसंद, सत्यनिष्ठ, ईमानदार व गांधीवादी नेता थे। उन्होंने कुछ किताबों का लेखन भी किया था।
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गांव, गरीब और किसान के शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले चौधरी चरणसिंह खुद को प्रधानमंत्री से ज्यादा एक किसान व सामाजिक कार्यकर्ता मानते थे। किसानों के हित में उनकी कोशिशों की सदैव सराहना हुई। भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चरणसिंह की व्यक्तिगत छवि ...
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इन्हें 'राजनीति का चाणक्य' कहा जाता था। 'युवा तुर्क' का संबोधन उनकी निष्पक्षता के कारण उन्हें प्राप्त हुआ था। सुयोग्य राजनेताओं में शुमार चंद्रशेखर आचार्य नरेन्द्र देव के व्यक्तित्व एवं चरित्र से काफी प्रभावित थे। उनका वक्तव्य पक्ष और विपक्ष के ...
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भारत के 14वें प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह देश के पहले ऐसे नेता थे जो प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते समय संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. सिंह अपनी नम्रता, कर्मठता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं।
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'बाधाएं आती हैं आएं, घिरें प्रलय की घोर घटाएं, पांवों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं, निज हाथों में हंसते-हंसते, आग लगाकर जलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा।' अपनी इन्हीं पंक्तियों की तरह थे पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी। अपनी ...
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