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जगन्नाथ मंदिर का ध्वज क्यों लहराता है हवा की विपरीत दिशा में, जानिए रहस्य
श्री जगन्नाथ मंदिर के ऊपर स्थापित लाल ध्वज सदैव हवा के विपरीत दिशा में लहराता है। ऐसा किस कारण होता है यह तो वैज्ञानिक ... -
शारदीय नवरात्रि 2026: कन्या पूजा और कन्या भोज की संपूर्ण विधि, नियम एवं महत्व
वर्ष 2026 में 19 और 20 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि का पारण होगा। नवरात्रि में माँ दुर्गा की उपासना के साथ-साथ कन्या पूजन ... -
कितना प्राचीन है देवास की टेकरी का तुलजा चामुंडा माता का मंदिर?
Dewas tekri: मध्यप्रदेश के इंदौर के पास प्राचीन नगरी देवास में एक पहाड़ी पर मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता का प्राचीन ... -
Dussehra katha: दशहरा की 4 पौराणिक कथाएं, जिनके कारण मनाया जाता है यह पर्व
Dussehra 2025: आश्विन शुक्ल की दशमी को मनाए जाने वाले त्योहार को विजयादशमी और दशहरा कहते हैं। इस दिन माता दुर्गा के रूप ... -
शारदीय नवरात्रि 2026: मां दुर्गा के 7 सबसे शक्तिशाली शक्तिपीठ
माता सती के जहां जहां अंग गिरे वह सभी शक्तिपीठ बने और जहां रक्त गिरा वह रक्तिपीठ बने। प्रमुख 51 शक्तिपीठों में से 7 ऐसे ... -
दुनिया से जाने के बाद आपके पितरों की कैसी रही होगी गति?
गति बहुत महत्वपूर्ण है। गति होती है ध्वनि कंपन और कर्म से। यह दोनों ही स्थिति चित्त का हिस्सा बन जाती है। कर्म, विचार ... -
पितरों के देव अर्यमा और सर्वपितृ अमावस्या के रहस्य को जानिए...
अर्थात : पितरों में अर्यमा श्रेष्ठ है। अर्यमा पितरों के देव हैं। अर्यमा को प्रणाम। हे! पिता, पितामह, और प्रपितामह। हे! ... -
महात्मा गांधी के संबंध में 10 आश्चर्यजनक तथ्य
महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर को पोरबंदर में हुआ था। उनके बारे में अभी भी ... -
भारत की वर्तमान राजनीति का सबसे बड़ा चाणक्य कौन है?
जब भी कोई व्यक्ति भारत की वर्तमान राजनीति में किसी चाणक्य को ढूंढने का प्रयास करता है तो वह अपने किसी राष्ट्रनेता में ... -
महात्मा गांधी के 2 पसंदीदा लेखक कौन थे?
महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर को पोरबंदर में हुआ था। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट ... -
दुनिया के इन महान लोगों की प्रेरणा हैं महात्मा गांधी
महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर को पोरबंदर में हुआ था। भारत में गांधी को चाहने ... -
बाबाओं के चमचे, कर रहे धर्म और देश का सत्यानाश...
हिन्दू संत बनना बहुत कठिन है, क्योंकि संत संप्रदाय में दीक्षित होने के लिए कई तरह के ध्यान, तप और योग की क्रियाओं से ... -
श्राद्ध पक्ष 2026: गया नहीं, इस पवित्र स्थान पर होता है अंतिम श्राद्ध, पितरों को मिलती है तुरंत मुक्ति
brahma kapal badrinath pind daan: हिंदू धर्म में पितरों की आत्मा शांति मोक्ष दिलाने के लिए श्राद्ध व पिंडदान का महत्व ... -
Pitru Paksh 2019 : इन 5 स्थानों पर रखें श्राद्ध का आहार, जानिए क्या है पंचबलि कर्म
श्राद्ध में ब्राह्मण भोजन तथा पंचबलि कर्म किया जाता है। पंचबलि में गाय, कुत्ता और कौवा के साथ 5 स्थानों पर भोजन रखा ... -
श्राद्ध पक्ष 2026: क्या श्राद्ध के दौरान नॉनवेज खाना उचित है? जानें क्या कहते हैं धार्मिक नियम
धार्मिक और शास्त्रसम्मत मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध या पितृ पक्ष के दौरान पितरों को मांसाहार (नॉनवेज) का भोग लगाना या ... -
कितने प्रकार का होता है श्राद्धकर्म और तर्पण
Shradh Paksha 2022 : श्राद्ध पक्ष का माहात्म्य उत्तर व उत्तर-पूर्व भारत में ज्यादा है। तमिलनाडु में आदि अमावसाई, केरल ... -
10 चमत्कारिक विद्याएं, अपनाएं और सुखी हो जाएं
भागते-दौड़ते जीवन में चमत्कार से ज्यादा जरूरी व्यक्ति खुद को बचाने में लगा है। भारत में वैसे तो कई तरह की सिद्धियों, ... -
12 प्राचीन रहस्यमयी विद्याएं, जानिए इनका रहस्य
आपने 64 कलाएं और अष्ट सिद्धि के बारे में सुना होगा। इससे कुछ अलग प्राचीन काल से ही भारत में ऐसी कई विद्याएं प्रचलन में ... -
परकाया प्रवेश सिद्धि योगा, जानिए
‘पातंजलि योग दर्शन’ में सूक्ष्म शरीर से आकाश गमन, एक ही समय में अनेकों शरीर धारण, परकाया प्रवेश जैसी अनेकों योग ... -
आत्मा एव इदं सर्वम्
हिन्दू सनातन धर्म के अनुसार संपूर्ण दृष्यमान और परिवर्तनशील जगत का आधार अभौतिक व अदृश्य आत्मा है, जो सनातन और अजर-अमर ...