विंबलडन : हारकर भी जीती जियॉर्जी, सेरेना पहुंची सेमीफाइनल में

Author मयंक मिश्रा| Last Updated: बुधवार, 11 जुलाई 2018 (17:53 IST)
सेरेना की जीत एक आम बात है। मंगलवार को भी वे जीत गई, मैच की खास बात रही इटली की केमिला जियॉर्जी का सेरेना के खिलाफ खुलकर खेलना। के हिसाब से थोड़ी छोटी कद काठी की जियॉर्जी खेल में किसी भी मामले में सेरेना से पीछे नहीं रहीं थीं। उनकी सर्विस सेरेना से ज्यादा तेज थी। उनके शॉट्स भी सेरेना के बराबर थे।

जियॉर्जी दबाव झेलने में भी सेरेना के बराबर थी। पहले सेट में सेरेना की सर्विस ब्रेक करने के बाद उनकी सर्विस पर सेरेना 40-0 से आगे हो गई थीं। मगर यहां से जियॉर्जी ने अपनी सर्विस बचा ली और इसके बाद पहला सेट जीतकर में एक बड़े उलटफेर की लहर फैला दी थी। जियॉर्जी मंगलवार को खेल ही नहीं बल्कि उनका खेलना भी खास था।
शुरुआती दिनों में पैसों की कमी के चलते जियॉर्जी ने फेसबुक के जरिए निजी प्रायोजक ढूंढे थे। एक दंपत्ति ने उनका सारा खर्चा उठाने का कॉन्ट्रैक्ट भी किया था पर कुछ समय बाद उन्होंने पैसे देना बंद कर दिए। इसके बाद कतर के एक निजी प्रायोजक से उनका करार हुआ। जियॉर्जी का विंबलडन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना उनको कुछ समय तक पैसों की चिंता से जरूर दूर रखेगा।

सेरेना ने हाल ही में कहा था कि उनके खिलाफ लगभग सभी खिलाडी अच्छा खेलते हैं। ऐसे में उनको हराने के लिए उन्हे भी नए लेवल पर जाकर खेलना होता है और ऐसा मंगलवार को भी हुआ। पहला सेट हारने से नाराज सेरेना को जॉर्जी ने थोड़ा और नाराज तब कर दिया जब सेरेना सर्विस करने वाली थी और जॉर्जी तैयार नहीं थी।
इसके बाद सेरेना ने उनको एक लंबे समय तक देखा और फिर ही सर्विस की। इसके बाद से सेरेना ने जियॉर्जी के हर शॉट का वैसा ही जवाब दिया। सेरेना की सर्विस ही इन दोनों के बीच एक बड़ा अंतर रहा और यह अंतर हर गुजरते गेम के साथ बढ़ रहा था। दूसरे और तीसरे सेट में जॉर्जी की सर्विस एक-एक बार ब्रेक करके सेरेना ने मैच अपने नाम कर लिया।

सेरेना का जीतने का सेलिब्रेशन बताता है की मैच कितना टक्कर का था। यह मैच जीतने के साथ सेरेना की रैंकिंग अब 51 तक तो पहुंच जाएगी। जिसके बारे में सेरेना का कहना था की यह उनकी अभी की रैंकिंग 183 से तो काफी अच्छा है। मगर इसमें उनको 5 पसंद नहीं है और जिस हिसाब से सेरेना खुद को तैयार कर रहीं हैं। जल्द ही वे 51 में से 5 को हटा देगी।
विंबलडन में भले ही कहीं का स्कोर नहीं दिखाया जा रहा हो, मगर आयोजक इंग्लैंड के मैचों का खासा ध्यान रखें हुए हैं। स्वीडन के खिलाफ हुए मैच के पहले भी सेंटर कोर्ट में हुए कार्यकम में इंग्लैंड को विश किया गया था। वहीं आज होने वाले इंग्लैंड के मैच को देखते हुए, यहां मोबाइल फ़ोन को बंद रखने पर छूट दी गई है।
मोबाईल का
इनका उपयोग दर्शक कर सकते हैं। बशर्ते इससे कोई परेशान ना हो। आज कोई अपना मोबाइल देखेगा इसकी संभावनाएं कम ही हैं। क्योंकि आज सेंटर कोर्ट पर पहले
जोकोविच-निशिकोरी का मैच है। निशिकोरी से जब पूछा गया था की जोकोविच के खिलाफ उनकी रणनीति क्या रहेगी तो, उनका जवाब था क्या आपको लगता है कि में यह अभी बताऊंगा।

जोकोविच बढ़िया खेल रहें हैं खासकर पिछले दो मैचों से। भलें ही निशिकोरी एक मुश्किल खिलाडी हैं। जोकोविच इस मुश्किल का हल निकाल ही लेंगे। इसके लिए शायद उनको चार सेट लग सकते हैं। इस मैच के बाद के नडाल और डेलपोत्रो का मैच है। डेलपोत्रो का फोरहैंड उनकी ताकत है तो उनका बैकहैंड उनकी कमजोरी। किसी और खिलाडी के खिलाफ वे यह कमजोरी दबा सकते है। मगर नडाल के खिलाफ मुश्किल है क्योंकि नडाल लेफ्टि हैं।
नडाल उनकी इस इस कमजोरी का भरपूर फायदा उठाएंगे। मैच फ्रेंच ओपन जितना आसान तो नहीं होगा। नडाल की सीधे सेटों में जीतने की संभावनाएं ज्यादा हैं। कोर्ट नंबर 1 पर फेडरर-एंडरसन के मैच का भी हाल कुछ ऐसा ही हो सकता है। एंडरसन सर्विस बढ़िया करते हैं। मगर फेडरर को ग्रास कोर्ट पर परेशान कर सकने वाले शॉट्स उनके पास कम हैं।

मैच का नतीजा सीधे सेटों में निकल सकता है। जिसमें कम से कम एक टाइब्रेकर जरूर खेला जाएगा। वहीँ राओनिच-इस्नेर के मैच का फैसला टाइब्रेकरों में ही हो मुमकिन है। यह मैच जरूर लंबा खीचेंगा, जिसमें राओनिच की तरफ मैच थोड़ा झुका हुआ है।
(फोटो साभार- फेसबुक)


और भी पढ़ें :