पैडमैन के लिए अक्षय कुमार नहीं थे पहली पसंद

9 फरवरी को अभिनीत फिल्म 'पैडमैन' प्रदर्शित हो रही है। जैसा की सभी जानते हैं यह फिल्म की जिंदगी से प्रेरित है। अरुणाचलम ने जब अपनी पत्नी और गांव की अन्य महिलाओं को देखा कि वे पीरियड्स के दौरान सेनिटरी पैड्स का इस्तेमाल महंगे होने के कारण कर नहीं पातीं तो उन्होंने सस्ते पैड्स बनाने की ठानी। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें सफलता मिली। इस दौरान अरुणाचलम का मजाक उड़ाया गया। विरोध हुआ, लेकिन धुन में सवार अरुणाचलम को ये बातें विचलित नहीं कर पाईं।

ट्विंकल खन्ना एक अखबार में कॉलम लिखती हैं। वे अपने कॉलम की रिसर्च कर रही थीं तब अरुणाचलम की कहानी उन्हें हाथ लगी। वे इससे बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने अपनी पुस्तक 'द लीजेण्ड ऑफ लक्ष्मी प्रसाद' में इस कहानी का जिक्र भी किया है।

बाद में ट्विंकल को विचार आया कि अरुणाचलम की कहानी पर फिल्म भी बनाई जा सकती है ताकि पूरी दुनिया को इस बारे में पता चले। चीनी कम, पा, की एंड का जैसी बेहतरीन फिल्म बना चुके निर्देशक आर. बाल्की से ट्विंकल बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने बाल्की से इस बारे में बात की। तय हो गया है कि फिल्म बनाना है।

खोज शुरू हुई उस कलाकार की जो अरुणाचलम का किरदार परदे पर साकार करेगा। ट्विंकल ने कई नामों पर विचार किया, लेकिन कुछ तय नहीं कर पाई। अरुणाचलम चाहते थे कि यह किरदार अक्षय कुमार निभाए और उन्होंने ही ट्विंकल को यह सुझाव दिया। बगल में छोरा और गांव में ढिंढोरा वाली बात हो गई।

ट्विंकल शायद अक्षय कुमार को फिल्म से इसलिए जोड़ना नहीं चाह रही थीं क्योंकि अक्षय बड़े सितारे हैं। उनके जुड़ने से फिल्म से अपेक्षाएं बढ़ जाएंगी। करोड़ों के बिजनेस की बात होगी, लेकिन अरुणाचलम अपनी बात मनवाने में सफल रहे और इस तरह से अक्षय कुमार 'पैडमैन' बन गए।

इस फिल्म का बजट कम रखा गया है क्योंकि विषय बिलकुल ही हट कर है। में इस तरह की पहली फिल्म है। कम बजट के कारण रिकवरी होना आसान है। उम्मीद है कि फिल्म की लागत वसूल हो जाएगी और कुछ मुनाफा भी होगा।

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