काग़ज़ भिगो गईं आंखें

WD| पुनः संशोधित बुधवार, 4 सितम्बर 2013 (11:06 IST)
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तुझको सोचा तो खो गईं आंखें,
दिल का आईना हो गईं आंखें
ख़त का पढ़ना भी मुश्‍किल हो गया,
सारा काग़ज़ भिगो गईं आंखें।

-नक्‍़श लायलपुरी

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