हनीप्रीत की अर्जी खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- राहत की हकदार नहीं

नई दिल्ली।| पुनः संशोधित बुधवार, 27 सितम्बर 2017 (07:55 IST)
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बलात्कार के दो मामलों में डेरा सौदा सच्चा प्रमुख राम रहीम की दोषसिद्धि के बाद हिंसा भड़काने और के आरोपों का सामना कर रही इसां की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। अदालत ने यह आदेश इस आधार पर दिया कि वह गिरफ्तारी से भाग रही हैं और इसलिए वह किसी भी तरह की विवेकाधिकारवाली राहत पाने की हकदार नहीं हैं।
न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल ने आदेश पारित करते हुए कहा कि हरियाणा के पंचकूला की एक अदालत में जारी कार्यवाही में देरी करने के लिए दिल्ली में जमानत याचिका दायर की गयी है।

उच्च न्यायालय ने इससे पहले 36 वर्षीय हनीप्रीत तथा दिल्ली और हरियाणा पुलिस के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद उनकी जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा था। सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने उसके सामने अग्रिम जमानत याचिका दायर करने पर हनीप्रीत पर सवाल उठाये और कहा कि वह हरियाणा की स्थायी नागरिक हैं और आपके लिए सबसे आसान तरीका आत्मसमर्पण करना है।
दिल्ली और हरियाणा पुलिस के वकीलों ने हनीप्रीत की याचिका का कड़ा विरोध किया और कहा कि दिल्ली की एक संपत्ति का गलत पता देकर वह अदालत को गुमराह कर रही हैं। ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाये जाने के दौरान गिरफ्तारी से बचाव के लिए होती है। हनीप्रीत राजद्रोह के मामले में जांच में शामिल होने के लिये दिल्ली से हरियाणा ले जाये जाने के दौरान गिरफ्तारी से बचाव की मांग कर रही है। प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत जेल में बंद राम रहीम की दत्तक पुत्री हैं और वह राम रहीम की दोषसिद्धि के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के संबंध में हरियाणा पुलिस द्वारा वांछित 43 लोगों में शीर्ष पर हैं। राम रहीम को सीबीआइ अदालत ने 25 अगस्त को दोषी ठहराया था।
उधर, हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत इंसां को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली के कई स्थानों पर छापेमारी की। को बलात्कार के दो मामलों में दोषी करार दिये जाने के बाद भड़की हिंसा के संबंध में हनीप्रीत के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि हनीप्रीत को यहां उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बजाय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस ने तीन सप्ताह के लिए अग्रिम जमानत के लिए हनीप्रीत की याचिका का इस आधार पर विरोध किया कि इसके लिए हरियाणा में सक्षम अदालत होगी। हनीप्रीत के वकील ने दावा किया कि हरियाणा में उनके जीवन को खतरा है और इसलिए उसने गिरफ्तारी से तब तक बचाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है जब तक कि वह पड़ोसी राज्य नहीं चली जाती। वकील ने कहा कि अगर उसे संरक्षण प्रदान किया जाता है, तो वह जांच में शामिल होगी।
इस बीच, हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत इंसां को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली के कई स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस ने बताया कि हनीप्रीत और डेरा के दो अन्य पदाधिकारियों का पता लगाने के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने उन स्थानों के नाम नहीं बताये जहां छापे मारे जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि पंचकूला पुलिस की एक टीम हनीप्रीत के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लेकर आयी थी। उसे गुप्त सूचना मिली थी कि हनीप्रीत दक्षिणी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश के ए ब्लॉक स्थित एक घर में मौजूद है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त रोमिल बानिया ने कहा कि हालांकि, छापेमारी से कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ। संबंधित घर में छापेमारी सुबह सात बजकर 30 मिनट पर हुई और वहां सिर्फ मकान का केयरटेकर मिला।

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