ट्रंप बोले, उत्तर कोरिया की पेशकश झूठी उम्मीद भी हो सकती है

वॉशिंगटन| पुनः संशोधित बुधवार, 7 मार्च 2018 (09:36 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया की ओर से बातचीत की पेशकश को काफ़ी सकारात्मक बताया है लेकिन साथ ही कहा कि ये 'झूठी उम्मीद' भी हो सकती है।
दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को कहा कि उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ बातचीत करने को तैयार है और परमाणु परीक्षणों को स्थगित करने को भी तैयार है। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, 'उत्तर कोरिया के साथ वार्ता में संभावित प्रगति दिखाई दे रही है। कई सालों में पहली बार, सभी पक्षों द्वारा एक गंभीर प्रयास किया जा रहा है। दुनिया देख रही है और इंतजार कर रही है! झूठी उम्मीदें हो सकती हैं, लेकिन अमेरिका किसी भी दिशा में कठोर कदम उठाने के लिए तैयार है।'
दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि उत्तर और दक्षिण कोरिया एक दशक के बाद अगले महीने में सीमावर्ती गांव पैनमुंजोम में अपना पहला सम्मेलन आयोजित करेंगें। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर कोरिया उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से भी मुलाकात की थी। इससे पहले ट्रंप ने ट्वीट में कहा, 'हम देखेंगे कि क्या होता है!'

दोनों पड़ोसी देशों के बीच हुई बातचीत के बाद दक्षिण कोरिया ने बताया कि उत्तर कोरिया ने कहा है कि अगर उसे सुरक्षा की गारंटी दी जाए तो वह अपने परमाणु हथियार भी छोड़ने को तैयार है।
उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में किम किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार चुंग यी योंग से मुलाकात के दौरान इस आशय की बात कही थी।

दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियारों और मिसाइलों के परीक्षणों पर रोक लगाने पर सहमति जताई है। योंग ने बताया कि उत्तर कोरिया अपने और अमेरिका के बीच संबंधों को सुधारने के लिए अमेरिकी प्रशासन से बात करने को भी तैयार है। (वार्ता)


और भी पढ़ें :