हिन्‍दू शब्द को अछूत और असहनीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं कुछ लोग : वेंकैया नायडू

पुनः संशोधित सोमवार, 10 सितम्बर 2018 (11:13 IST)
शिकागो। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि कुछ लोग हिंदू शब्द को अछूत और असहनीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने हिन्‍दू धर्म के सच्चे मूल्यों के संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया, ताकि ऐसे विचारों और प्रकृति को बदला जा सके जो गलत सूचनाओं पर आधारित हैं। यहां दूसरी विश्व हिन्‍दू कांग्रेस को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि भारत सार्वभौमिक सहनशीलता में विश्वास करता है और सभी धर्मों को सच्चा मानता है।

हिन्‍दू धर्म के अहम पहलुओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि साझा करना और ख्याल रखना हिन्‍दू दर्शन के मूल तत्व हैं। नायडू ने अफसोस जताया कि (हिन्‍दू धर्म के बारे में) काफी गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा, कुछ लोग हिन्‍दू शब्द को ही अछूत और असहनीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा, व्यक्ति को विचारों को सही परिप्रेक्ष्य में देखकर प्रस्तुत करना चाहिए ताकि दुनिया के सामने सबसे प्रामाणिक परिप्रेक्ष्य पेश हो पाए। (भाषा)


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