लघुकथा : वो दीपावली


 
 
आज मैं में पत्नी का हाथ बंटा रहा था कि अचानक मेरे हाथ में अपने गांव की पुरानी फोटो लग गई जिसमें पूरा परिवार एकसाथ था। पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट फोटो थी, जो कि किनारों से गल चुकी थी। मैंने बहुत प्यार से उस फोटो को साफ किया और मेरे जेहन में गांव का वह टूटा-फूटा घर उमड़ने लगा। 
 
मुझे याद है पिताजी नौकरी के कारण पास के शहर में रहने लगे थे। मैं अपने छोटे भाई के साथ शहर में ही पढ़ता था। दीपावली की छुट्टी में अपने माता-पिता के साथ अक्सर गांव जाता था। मुझे गांव वाले इस टूटे-फूटे मकान में इतनी सुखद अनुभूति होती थी कि जिसका कि मैं बयान नहीं कर सकता। दादी का वह इंतजार करता चेहरा, चाचा लोगों का वह अपनापन आज भी मुझे बहुत सालता है। 
 
मुझे याद है जब छुट्टी में मैं अपने गांव पहुंचता था तो दादी गांव के बाहर मेरा इंतजार करते मिलती थी दौड़कर मैं और छोटा भाई दादी की गोदी चढ़ जाते थे और दोनों भाइयों को वह बूढ़ी दादी अपने अंक से लगाए हुए घर तक ले आती थी। गांव के सब लोग इकट्ठे मिलने आते थे। पापाजी के सब दोस्त रात-रातभर बैठकर गप्पे लड़ाते थे। मां की सहेलियां इतने सारे खाने बना-बनाकर खिलाती थीं कि हम लोग अघा जाते थे।
 
फिर दीपावली के दिन गांव के सभी बच्चे दीवाल फोड़िया पटाखों के साथ उधम मचाते हुए गांव के कई चक्कर लगाते थे। बाजार से दादी हम लोगों के लिए और जलेबी लेकर आती थी और बड़े प्यार के साथ गोदी में बिठालकर खिलाती थी। 
 
'क्यों किसकी यादों खोए हो?', पत्नी ने शरारत से पूछा। 
 
'कुछ नहीं, पुरानी कुछ यादें हैं, जो बहुत याद आ रही हैं', मैंने भी शरारत में उत्तर दिया। 
 
'चलो, इस बार दीपावली पर अपने गांव चलते हैं', पत्नी ने मेरे हाथ से फोटो लेते हुए कहा। 
 
'अब गांव में कुछ नहीं बचा। दादी कब की शांत हो गई हैं, चाचा लोग अब अपने अंतिम समय पर हैं और बाकी के रिश्ते अब उतने 'समझदार' नहीं कि उनके पास जाकर रुका जाए', मैंने लंबी सांस भरकर उत्तर दिया। 
 
'अच्छा एक काम करते हैं कि हम कुछ घंटों के लिए ही गांव जाएंगे और सबसे मिलकर लौट आएंगे', मेरी पत्नी ने सुझाव दिया।
 
मुझे भी गांव देखने की बहुत इच्छा हो रही थी अत: मैंने भी हामी भर दी। हम लोग अपनी गाड़ी में बच्चों के साथ सवार होकर गांव की ओर रवाना हो गए। उन रास्तों पर से गुजरते हुए 40 साल पुरानी यादें ताजा हो गईं। लगा, मेरे अंदर का बच्चा जाग गया है। मेरी पत्नी और बच्चे मुझे बड़े आश्चर्य से देख रहे थे।
 
जैसे ही गांव के उस छोर पर पहुंचे, जहां पर मेरी दादी मेरा इंतजार करती थीं, मैंने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा और तेजी से गाड़ी से निकलकर उस और दौड़ा, जैसे मैं अपनी दादी की ओर दौड़ता था। मेरी पत्नी समझ गई और वे मुस्कुराती हुई ड्राइवर से बोलीं, 'उन्हें जाने दो, तुम मेरे बताए हुए रास्ते से घर को चलो।'
 
मैं खेतों में से दौड़ता हुआ नदी पर पहुंचा और बगैर आजू-बाजू देखे मैंने फटाफट कपड़े उतारकर नदी में छलांग लगा दी, फिर अमरूदों के बगीचे से घूमता हुआ पुराने मंदिर पहुंचा, जहां पर हम छिया-छिलाई और लुक्का-छिप्पी खेलते थे। कुछ देर वहां रुककर फिर सीताफल के बगीचे में पहुंचा, जहां पर हम सभी बच्चे लोककर सीताफलों की चोरी करते थे।
 
उस बगीचे का मालिक तो शायद खत्म हो चुका था। उसके बच्चे उस बगीचे की देखभाल करते थे। मैंने कुछ सीताफल खरीदे और मैंने पैसे देने चाहे किंतु मेरा परिचय जानकर उन्होंने बहुत सम्मान के साथ मना कर दिया। सीताफल मेरी पत्नी का पसंदीदा फल है। 
 
उसके बाद बाजार में पहुंचकर मैंने कुछ खाने की चीजें लीं और अपने पुराने मित्रों के घर उनसे मिलने पहुंचा। अधिकांशत: वृद्ध हो चुके थे तथा कई की स्थिति बहुत खराब थी और वे गरीबी के कारण आज भी उन्हीं खपरैलों के मकानों में जिंदगी जी रहे थे। 
 
मुझसे मिलकर सभी अत्यंत प्रसन्न हुए। मैंने जो भी सामान खरीदा था, वो उन सबके बच्चों और नाती-पोतों में बांट दिया। जब मैं वापस अपने गांव के मकान में जाने लगा तो सब इकट्ठे होकर मुझे छोड़ने आए। हम सब गांव की गलियों में से निकल रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि हम सब बच्चे बन गए हों। मैंने कुछ दीवाल फोड़िए पटाखे दीवालों पर मारकर फोड़े। मेरे सभी पुराने दोस्त अचरज से मुझे देख रहे थे। उनकी आंखों में खुशी थी कि मैंने शायद बचपन के कुछ पल उनको लौटा दिए। 
 
सभी रिश्तेदारों से यथायोग्य मुलाकात कर जब हम लौट रहे थे तो मैंने अपनी पत्नी को सीताफल खिलाते हुए उसका धन्यवाद किया, क्योंकि उसके कारण आज मेरी यह दीपावली मेरे प्रौढ़ होते जीवन में 'उमंगों के दीप' जला गई थी! 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

यदि पैरेंट्स के व्यवहार में हैं ये 4 बुरी आदतें तो आपके ...

यदि पैरेंट्स के व्यवहार में हैं ये 4 बुरी आदतें तो आपके बच्चे को बिगड़ने से कोई नहीं रोक सकता!
पैरेंट्स की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो वे बच्चों को सुधारने, कुछ सिखाने-पढ़ाने और नियंत्रण ...

क्या आप भी संकोची हैं, अपना ही सामान मांग नहीं पाते हैं तो ...

क्या आप भी संकोची हैं, अपना ही सामान मांग नहीं पाते हैं तो यह एस्ट्रो टिप्स आपके लिए है
क्या आप भी संकोची हैं, अगर हां तो यह आलेख आपके लिए है...

कैंसर की रिस्क लेना अगर मंजूर है तो ही इन 7 सामान्य लक्षणों ...

कैंसर की रिस्क लेना अगर मंजूर है तो ही इन 7 सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करें, वरना हो सकती है बड़ी परेशानी
ये बीमारी भी ऐसे ही सामने नहीं आती। इसके भी लक्षण हैं जो आप और हम जैसे लोग अनदेखा करते ...

5 ऐसी चीजें जो लिवर की बीमारी को करती हैं दूर, एक बार पढ़ें ...

5 ऐसी चीजें जो लिवर की बीमारी को करती हैं दूर, एक बार पढ़ें जरूर
आप खाने के शौकीन हैं लेकिन क्या आप महसूस कर रहे हैं कि पिछले कुछ समय से आपका पाचन थोड़ा ...

दोमुंहे बालों से छुटकारा पाना चाहती हैं, तो ये 4 तरीके ...

दोमुंहे बालों से छुटकारा पाना चाहती हैं, तो ये 4 तरीके अपनाएं
जब बालों का निचला हिस्सा दो भागों में बंट जाता है, तब उसे बालों का दोमुंहा होना कहते हैं। ...

अमेरिका में बंदी बनाए गए भारतीयों को हथकड़ियां लगाकर नहीं ...

अमेरिका में बंदी बनाए गए भारतीयों को हथकड़ियां लगाकर नहीं रखा जा रहा : स्वयंसेवी कार्यकर्ता
वॉशिंगटन। अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने के कारण हिरासत में लिए गए करीब 50 भारतीय ...

रोचक जानकारी : यह है उम्र के 9 खास पड़ाव, जानिए कौन सा ग्रह ...

रोचक जानकारी : यह है उम्र के 9 खास पड़ाव, जानिए कौन सा ग्रह किस उम्र में करता है असर
लाल किताब अनुसार कौन-सा ग्रह उम्र के किस वर्ष में विशेष फल देता है इससे संबंधित जानकारी ...

23 जुलाई को है साल की सबसे बड़ी शुभ एकादशी, जानिए व्रत कथा ...

23 जुलाई को है साल की सबसे बड़ी शुभ एकादशी, जानिए व्रत कथा और पूजन विधि
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानि 23 जुलाई 2018 को है। देवशयनी एकादशी के दिन से ...

पीरियड में यह 5 काम भूल कर भी न करें वरना....

पीरियड में यह 5 काम भूल कर भी न करें वरना....
आपका पहला पीरियड हो या अनगिनत बार आ चुके हों, इन्हें झेलना इतना आसान नहीं। मुश्किलभरे उन ...

6 बहुत जरूरी सवाल जो हर महिला को अपनी गायनोकोलॉजिस्ट से ...

6 बहुत जरूरी सवाल जो हर महिला को अपनी गायनोकोलॉजिस्ट से पूछना चाहिए
क्या आप उन लोगों में से हैं जिन्होंने कभी एक लेडी डॉक्टर से मिलने की जरूरत नहीं समझी? आप ...