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लघुकथा : पत्रकार ?

सोमवार,अप्रैल 23, 2018
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लघुकथा : इंटरव्यू

शुक्रवार,अप्रैल 20, 2018
इंटरव्यू वाले दिन उसने पड़ोस के धोबी से अनुनय-विनय कर एक अच्छा शर्ट मांगकर पहना और जूते दोस्त से उधार लिए।
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लघुकथा : धरती मां

शुक्रवार,अप्रैल 20, 2018
एक दिन सौरमंडल के ग्रहों की सभा जुटी। सभी को अपनी-अपनी विशिष्टताओं का गुमान था।
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लघुकथा : ठंडक

रविवार,अप्रैल 15, 2018
वह पिछले दिनों बीमार थी। ऑफिस आई तो साथ की सहकर्मी सहनुभूति जताने लगी... अरे, कितनी कमजोर हो गई आप?
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राष्ट्र पर 'राजनीति' का एकछत्र राज चल रहा था। उसके राज में 'तंत्र' सतत् प्रगतिशील और 'लोक' निरंतर पतनशील था।फिर भी ...
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लघुकथा : सम्मान और सामान

शनिवार,अप्रैल 14, 2018
एक दिन एक बहु उनके पैर पूरी तरह से झुककर नहीं पड़ सकी तो झल्ला पड़े,'पढ़ी लिखी हो?' ऐसे पड़ते हैं पैर...?
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अब मैं कभी सहेलियों के साथ नहीं खेल पाऊंगी, कभी दौड़कर खाने की चीज लेने नहीं जा पाऊंगी, कभी पाठ नहीं पढूंगी और इबारत भी ...
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एक दिन कल्पना ने अपने सुन्दर पंखों को फड़फड़ाकर यथार्थ की ओर उपेक्षा भरी दृष्टि डालते हुए कहा-"तुम कितने असुंदर हो-सिर ...
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एक दिन लंबी कथा ने अपने वर्चस्व के एकाधिकार पर लघुकथा का खासा डाका पड़ते देख उसे 'कौन श्रेष्ठ' की प्रतिस्पर्धा का ...
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एक समय की बात है एक गाँव में एक ब्राह्मण रहता था। एक बार किसी परिवर ने उसे अपने यहा ब्राह्मण भोज पर बुलाया और दान में ...
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मुझको हंसना आता नहीं है, दु:ख में बीता सारा बचपन, जीवन मुझको भाता नहीं है। मुझको हंसना...
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एक बार एक ईमानदार भिक्षुक रास्ते से कहीं जा रहा था। आगे बढ़ते हुए उसे रोड पर एक चमड़े का बटुआ मिला। उसने बटुए को उठाया ...
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ये कहानी है एक महात्मा की है। वे बहुत विद्वान थे। उनके पास बहुत से लोग आते थे उनसे कुछ न कुछ शिक्षा प्राप्त करने। लेकिन ...
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पार्क में हरी मखमली घास पर सुकून से बैठना कितना अच्छा लगता है। दूर से अपने परिवार को अठखेलियां करता, खुश देखना बहुत ...
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लघुकथा : अनबन

मंगलवार,अप्रैल 3, 2018
भाई-बहन में अनबन हुई, तो माता-पिता ने सुलझा दी। पति-पत्नी में अनबन हुई, तो माता-पिता अथवा संतानों ने सुलझा दी। सास-बहू ...
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घर के कामकाज से निपटकर सुनीता थोड़ा आराम करने के लिए लेटी ही थी कि तभी उसके मोबाइल की घंटी बजी। सुनीता ने फोन उठाकर देखा ...
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अपने पिता का अंतिम संस्कार कर लौट रहे सिद्धार्थ की आंखों से अविरल धारा बह रही थी। वह अपने साथ वापस हो रही भीड़ के ...
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आज 12वीं बोर्ड का परिणाम घोषित होने वाला था। घड़ी का कांटा जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा था, रमेश का दिल भी उसी तेजी से धड़क रहा ...
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एक बार की बात है कि एक अदमी गुब्बारे बेचकर अपना घर चलाता था। वह अपने नगर के आस-पास जाकर गुब्बारे बेचता था। बच्चों को ...
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एक बार की बात है कि एक लड़की ने एक बुजुर्ग से पूछा कि मैंने सुना है कि सच्चा प्यार कम ही लोगों को नसीब होता है। ऐसा ...
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