पुरुषों में डायबिटीज, यानि प्रजनन क्षमता में कमी ?

यूं तो आपकी सेहत और शरीर दोनों पर प्रभाव डालता है, लेकिन पुरुषों एवं महिलाओं पर इसके प्रभावों में अंतर हो सकता है। होना, उनकी प्रजनन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। जानिए कैसे -

दरअसल पुरुषों में डायबिटीज का बुरा असर उनके शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर होता है, जिससे
तो प्रभावित होती ही है, प्रजनन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। यह
आपके को काफी हद तक प्रभावित करता है।
हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों
में डीएनए क्षतिग्रस्त होने की संभावना आम लोगों की अपेक्षा अधिक होती है और इ सका घनत्व भी कम होता है।

25 से 45 साल की उम्र के डायबिटी‍ज मरीजों और सामान्य लोगों पर किए गए शोध में यह पाया गया कि डायबिटीज के मरीजों के शुक्राणु के डीएनए आम लोगों की तुलना में अधिक क्षतिग्रस्त मिले।

इसका एक प्रमुख कारण यह है कि डायबिटीज के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की समस्या होती है। यही वजह है कि इस स्थिति में शुक्राणु डाएनए डैमेज होते हैं। ऐसी स्थिति में इन शूक्राणुओं के सक्रिय होने से जब गर्भ ठहरता है, तो गर्भपात की संभावना हो सकती है या भ्रूण के विकास में बाधा उत्पन्न होती है।

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