27 से दूरदर्शन पर बयां होगी 'दास्तान-ए-उर्दू'

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नई दिल्ली। उर्दू शायरी को दो संस्कृतियों के मिलने का ज़रिया मानने की हामी रही ने अब इस दिशा में एक और क़दम बढ़ाया है।

इसके तहत भारत की महान गंगा-जमुनी संस्कृति की पहचान का प्रसारण 27 जुलाई से छोटे पर्दे पर होने जा रहा है।

इस कार्यक्रम का प्रसारण के राष्ट्रीय चैनल पर हर रविवार रात 9.30 बजे 'दास्तान-ए- उर्दू' शीर्षक से होगा। कार्यक्रम की निर्देशक कामना प्रसाद ने बताया कि यह धारावाहिक 13 कड़ियों में पूरा होगा। हालांकि, कार्यक्रम मूल रूप से दूरदर्शन के उर्दू चैनल के लिए तैयार किया गया था, मगर इसके सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित करने का फैसला किया गया।
गौरतलब है कि कामना प्रसाद ने उर्दू को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय काम किया है। वह हिन्दुस्तान-पाकिस्तान के शायरों को आमंत्रित कर 'जश्न-ए-बहार' के तहत मुशायरा कराती रही हैं।

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