पुणे में सिमोन की फ़्रान्सीसी क्रान्ति

पुनः संशोधित रविवार, 7 जनवरी 2018 (19:06 IST)
पुणे से अभिजीत देशमुख
पुणे के पर अंतिम मुक़ाबले मे के ने दक्षिण अफ्रीका के को सीधे सेट मे 7-6, 6-2 से हराकर टाटा ओपन के ख़िताब को जीत लिया। सिमोन की एंडरसन पर ये पहली जीत थी। इससे पहले एंडरसन ने तीनों बार सिमोन की आसानी से शिकस्त दी थी।


टाटा ओपन टेनिस के फाइनल मुकाबले में दर्शकों को अद्‍भुत टेनिस का नजारा देखने को मिला। सिमोन और एंडरसन ने कुछ जबरदस्त शॉट्स लगाकर सबका दिल जीत लिया। पहले सेट मे दोनों खिलाड़ियों ने संभलकर खेलना शुरू किया और अपनी सर्व ब्रेक नहीं होने दी।

मैच के पांचवे गेम मे एंडरसन को सिमोन की सर्वे ब्रेक करने के 4 मौके मिले लेकिन सिमोन ने चारो बार अपनी सर्विस बचा ली। एंडरसन अपने सर्व पर काफी निर्भर रहते हैं और लगभग 220 कि.मी प्रति घंटे के रफ़्तार से वे सिमोन के खिलाफ सर्विस भी कर रहे थे, लेकि सिमोन ने ‍भी शानदार रिटर्न 'ऐस' मारते हुए एंडरसन की सर्व का मुँहतोह जवाब दिया।

सेट के सातवें गेम में सिमोन ने एंडरसन की सर्विस आखिरकार ब्रेक करते हुए 4-3 की बढ़त ली, लेकिन एंडरसन मे भी हार नहीं मानी और जल्द ही सिमोन की भी सर्वे ब्रेक करते हुए मैच 5-5 की बराबरी पर लाकर मैच रोमांचक बना डाला।

पहला सेट टाईब्रेकर में चला गया, जहां पर एंडरसन ने 2-0 की अहम बढ़त बना ली, लेकिन सिमोन ने अपना रक्षात्मक खेल करते हुए एंडरसन को लम्बी रैलियां खेलने पर मजबूर कर दिया। लंबी रैलियों में एंडरसन गलती करते चले गए और सिमोन ने देखते ही देखते 6-2 की बढ़त बना ली।

सेट पॉइंट पर दर्शकों को अद्‍भुत 38 शॉट्स की लम्बी रैली देखने का मौका मिला, जहां पर सिमोन ने अपने शॉट्स पर नियंत्रण रखा और एंडरसन गलती कर गए। सिमोन ने पॉइंट जीता और दर्शकों ने इस लम्बी रैली जीतने पर खड़े होकर सिमोन का अभिवादन किया। पहला सेट 7-6 से सिमोन की नाम पर रहा।

दूसरा सेट मे एंडरसन अपना मनोबल खो बैठे और सिमोन ने जल्दी ही ब्रेक हासिल कर लिया। एंडरसन को समझ ही नहीं रहा था कि सिमोन को कैसे रोका जाए और वे इस चुनौती को पार नहीं कर पाए। सिमोन ने दूसरा सेट बड़ी आसानी से 6-2 से मैच और चैंपियनशिप अपने नाम की। सिमोन का यह टेनिस कॅरियर का 13वां और तीन साल में पहला खिताब था।

मैच के बाद उन्होंने कहा कि भारत की जमीन पर पहली बार खेलते हुए यह खिताब जितना काफी मायने रखता है। मैं वादा करता हूं कि अगले साल जरूर यहां लौटूंगा।

युगल मुकाबले मे सिमोन-हर्बर्ट को हार का सामना करना पड़ा। नीदरलैंड्‍स की जोड़ी रोबिन हस्से-मट्वे मिडडेलकूप ने 7-6, 7-6 से सिमोन-हर्बर्ट की जोड़ी को हराकर खिताब अपने नाम किया।

महाराष्ट्र लॉन टेनिस एसोसिएशन ने भारत की सबसे बड़ी टेनिस प्रतियोगिता का सफलता से आयोजन किया। सभी खिलाड़ियों ने भी पहली बार हुए इस प्रतियोगिता से जुड़े सभी लोगों की तारीफ़ की और अगले साल के लिए शुभकामनाएं भी दीं।


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