सुशील, मणिका और मैरीकॉम का भव्य स्वागत

नई दिल्ली| पुनः संशोधित मंगलवार, 17 अप्रैल 2018 (23:57 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों में खिताबी हैट्रिक बनाने वाले पहलवान सुशील कुमार, चार पदक जीतने वाली टेबल टेनिस खिलाड़ी मणिका बत्रा और मुक्केबाजी की स्वर्ण पदक विजेता एमसी सहित भारतीय खिलाड़ियों का मंगलवार सुबह ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट से स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत किया गया।
भारत के लिए सोना जीतकर स्वदेश लौटे खिलाड़ियों को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फूल मालाओं से लाद दिया गया। ढोल नगाड़ों की थाप के बीच खिलाड़ियों का स्वागत हुआ और मिठाइयां बांटी गईं। सुशील और मणिका का तो खुली जीप में जुलूस निकाला गया।

स्वदेश लौटे खिलाड़ियों में कुश्ती और मुक्केबाजी टीम शामिल थी। पहलवान और सुमित मलिक ने स्वदेश लौटते ही योगगुरु बाबा रामदेव से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया जबकि मैरीकॉम ने दोपहर में भारतीय मुक्केबाजी संघ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है और वह 2020 के टोक्यो ओलम्पिक में देश के लिए सोना जीतना चाहती हैं।

दो स्वर्ण सहित चार पदक जीतने वाली मणिका ने अपने स्वागत से अभिभूत होते हुए कहा, मैं अपने प्रदर्शन से बेहद खुश हूं और मैं हमेशा से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती थी। इन खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया से लेकर आ रहे विमान ने करीब साढ़े पांच बजे भारतीय धरती को छुआ और करीब छह बजे खिलाड़ियों का हवाई अड्डे से बाहर निकलने का सिलसिला शुरू हुआ।

सबसे पहले बाहर निकलने वालों में पहलवान सुशील थे जिन्हे उनके समर्थकों ने कंधों पर उठा लिया। भारी तादाद में दिल्ली एयरपोर्ट पर लोग हाथों में मालाएं लेकर इनके आने का इंतजार कर रहे थे और जैसे ही सुशील, मैरीकॉम और मणिका बाहर निकले, प्रशंसकों
ने चैम्पियनों को फूल मालाओं से लाद दिया।

स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाने वाले सुशील स्वदेश लौटते ही योगगुरु बाबा रामदेव से मुलाकात करने पंहुचे और उनका आशीर्वाद लिया। सुशील के साथ 125 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले उनके साथी पहलवान सुमित भी रामदेव से मुलाकात करने पहुंचे।

सुशील से मुलाकात के बाद बाबा रामदेव ने कहा,हम सभी को सुशील और सुमित पर गर्व है। इन दोनों पहलवान ने देश का गौरव बढ़ाया है और देश के युवाओं को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। अपने स्वागत से अभिभूत सुशील ने कहा, यह सब देशवासियों और स्वामी जी का आशीर्वाद था, जो मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाया। उन्होंने साथ ही कहा कि वह भारत के लिए आगे भी खेलते और पदक जीतते रहना चाहते हैं।

मणिका ने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से काफी खुश हैं। माणिका के स्वागत के लिए उनके प्रशंसक और परिवार के लोग मौजूद थे। मणिका को भी मालाओं से लाद दिया गया और खुली जीप में उनका जुलूस निकला।

इस बीच राष्ट्रमंडल खेलों की स्क्वैश प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाली जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल कार्तिक का चेन्नई में भव्य स्वागत हुआ और दोनों खिलाड़ियों ने ख़ुशी जताई कि वे भारत की पदक तालिका में अपना योगदान देने में सफल रहीं।

दोनों ने पिछले खेलों में स्वर्ण जीता था और इस बार उन्होंने रजत जीता। जोशना ने कहा, चार साल में स्क्वैश में बहुत कुछ बदला है। हम चार साल पहले पोडियम पर थे और इस बार भी पोडियम पर रहना चाहते थे। हमें संतोष है कि हमने पोडियम हासिल किया। अपने अगले लक्ष्य के लिए दोनों खिलाड़ियों ने कहा, हम अगस्त में होने वाले एशियाई खेलों के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। जोशना और चिनप्पा के साथ हरिंदर पाल संधू और राष्ट्रीय कोच साइरस पोंचा का सोमवार देर रात चेन्नई पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ।


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