#MeToo : हवस के शैतानों से बच नहीं पाई हैं ये ख्यात खिलाड़ी

अमेरिकी सोशल एक्टिविस्ट तराना बुरके ने 2006 में खुद भी नहीं सोचा होगा कि उनका शुरू किया गया #MeToo अभियान एक ऐसा भूचाल खड़ा कर देगा, जिसकी जद में वो कई नामचीन लोग भी आ जाएंगे, जो सफेद कपड़े पहने घूमा करते हैं.. जिनकी समाज में अच्छी खासी धाक है और वो लोगों के लिए आदर्श बने हुए हैं। इस विषय पर भारत ही नहीं, अलबत्ता अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी तक की जुबां खुलने लगी हैं। भारत में नेता से लेकर अभिनेता तक के दामन दागदार हो गए हैं। कई हस्तियों का बुढ़ापा तक बिगड़ गया।

गोपी ने ज्वाला को दी मानसिक प्रताड़ना : सोशल मीडिया की सक्रियता से फलने-फूलने वाले #MeToo अभियान में भले ही 2 बार की ओलंपियन बैडमिंटन स्टार ज्वाला गुट्‍टा को छोड़कर कोई आगे नहीं आया लेकिन यह बात किसी से छुपी नहीं है कि खेलों की दुनिया में कई ख्यात महिला खिलाड़ी भी हवस के शैतानों से बच नहीं पाई हैं। ज्वाला ने भी सीधे-सीधे साइना नेहवाल और पीवी सिंधू के कोच गोपीचंद पर यौन प्रताड़ना का आरोप तो नहीं लगाया लेकिन इशारों ही इशारों में कह डाला कि उन्होंने मुझे मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि मुझे खेल तक छोड़ना पड़ गया।
यह तस्वीर सांकेतिक है, इससे मौजूदा टीम के खिलाड़ियों का कोई संबंध नहीं है

भारतीयों की कमजोर याददाश्त : ये सच है कि लोगों की याददाश्त बहुत कमजोर होती है और तेजी से बदलते देश और दुनिया के घटनाक्रम में उनकी जिंदगी ऐसी भागी जा रही है कि चंद दिनों पहले की खबर तक को वे भूल जाते हैं। मीडिया जब बार-बार उसके बारे में बताता है, जब जाकर दिमाग के तंतु जागते हैं और याद आता है कि हां...ऐसा बड़ा हादसा कभी हुआ था...ऐसा ही कुछ खेलों के साथ भी रहा है। भारत ही नहीं विदेशों में कई खिलाड़ी कोच द्वारा का शिकार हुई हैं।

कोच ने महिला हॉकी खिलाड़ियों से कहा था सेक्स करना अच्छी बात : 8 बरस पहले 2010 में महिला हॉकी टीम की खिलाड़ियों ने कोच एमके कौशिक पर यौन प्रताड़ना के साथ गंदी हरकतें करने का आरोप लगाया था। जब 30 खिलाड़ियों ने बाकायदा साइन करके गुरु और शिष्य के संबंधों को तार-तार किया था। भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी कोच के इस कथन से आहत थी, जिसमें उन्होंने कहा कि सेक्स करना अच्छी बात है। भारतीय हॉकी महासंघ ने खिलाड़ियों के पक्ष को गंभीरता से लिया था और यही कारण है कि कोच कौशिक को इस्तीफा तक देना पड़ा था।
कर्णम मल्लेश्वरी ने भी लगाया था यौन शोषण का आरोप :आज की युवा पीढ़ी शायद साल 2000 के सिडनी ओलंपिक में भारत को भारोत्तोलन में कांसे का पदक दिलवाने वाली कर्णम मल्लेश्वरी को भूल गई होगी। उन्हें याद दिलाना लाजमी है कि उन्होंने 26 फरवरी 2015 में खुलकर कोच रमेश मल्होत्रा पर यौन शोषण का सनसनीखेज आरोप लगाया था। भारतीयों के लिए यह आरोप चौंकाने वाला था क्योंकि हॉकी के बाद भारतीय भारोत्तोलन संघ को शर्म से अपना सिर झुकाना पड़ा था।


मल्लेश्वरी ने ज्यादती की शिकायत तीन बार की : हालांकि तब कोच रमेश मल्होत्रा ने खुद को पाक साफ बताया था। मल्लेश्वरी ने कहा था कि पिछले एक दशक से मल्होत्रा खिलाड़ियों को भारतीय टीम में जगह दिलाने के नाम पर यौन शोषण कर रहे हैं। इस बारे में मैंने भारोत्तोलन संघ को तीन बार आगाह किया। शिकायत होने पर एसएआई ने उनका तबादला कुछ समय के लिए बेंगलुरु कर दिया था।

महिला फुटबॉल में ऐसा भी होता है : आपको भारतीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व कप्तान सोना चौधरी के उपन्यास 'गेम इन गेम' की याद दिलाना जरूरी है, जिसमें उन्होंने कुछ ऐसी बातें लिखीं, जो हैरत में डालने वाली थीं। उन्होंने लिखा था कि कई महिला फुटबॉल खिलाड़ी तो शोषण से बचने के लिए आपस में ही संबंध बना लेती थीं। सार्वजनिक मंच पर जब उनसे इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने उपन्यास में लिखी हुई बातों से अपना पल्ला झाड़ लिया था।

कई खिलाड़ी भविष्य संवारने की खातिर रहती हैं चुप : ऐसा जरूरी नहीं है कि भारत का हर खेल या हर खेल की महिला खिलाड़ी कोच के यौन उत्पीड़न का शिकार रही होंगी। कई ऐसी खिलाड़ी भी रही होंगी, जिन्होंने भविष्य संवारने की खातिर अपने कोमल मन पर यह दंश झेला होगा। भारत जैसे देश में कुछ खेलों में ही इस तरह के मामले सामने आएं हैं, यदि हम विदेशों से इसकी तुलना करें तो आंखें फटी रह जाएंगी।

8 बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप : अमेरिका में नवम्बर 2011 में यूनिवर्सिटी फुटबॉल टीम के सहायक कोच जैरी पर 8 बच्चों के साथ यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लग चुका है। इस आरोप के बाद अमेरिका में बाल यौन शोषण पर काफी बवाल मचा था।


अमेरिकी महिला हॉकी खिलाड़ी भी अछूती नहीं रहीं : जिस तरह ने चीफ कोच पर गंभीर आरोप लगाए थे, ठीक उसी तर्ज पर 2007 में अमेरिका की महिला खिलाड़ी कैली स्टैक ने भी बोस्टन कॉलेज के कोच टॉम मुच पर सनसनीखेज हमले बोले थे। कैली का आरोप था कि टॉम उन्हें अश्लील संदेश भेजते थे और उन्होंने सेक्स करने पर बाध्य किया था। हालांकि ये पूरा मामला मीडिया में तब आया, जब टॉम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

पाकिस्तानी महिला क्रिकेट में भी गंदगी : पाकिस्तान में भी महिला क्रिकेट टीम है और जून 2013 में एक क्षेत्रीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों ने भी मुल्तान क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के कुछ अधिकारियों पर यौन शोषण के आरोप जड़े थे। सीमा जावेद नाम की एक महिला क्रिकेटर ने लिखा था, कुछ साल पहले जब मैंने एमसीसी में प्रवेश लिया था, तब मुझे सीनियर नादिया हुसैन ने क्लब के अधिकारियों से सावधान रहने की चेतावनी दी थी। इन तमाम आरोपों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को भी सकते में डाल दिया था।

क्रिकेट के आशिक मिजाज शेन वार्न याद आए : जब बात क्रिकेट की चल पड़ी हो तो दुनियाभर में महान जैसे आशिक मिजाज क्रिकेटर को शीर्ष पर रखना ही होगा। 3 सितंबर 1969 में विक्टोरिया में जन्मे शेन वॉर्न ने क्रिकेट के मैदान पर तहलका मचाया और अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मुथैया मुरलीधरन के बाद वे दुनिया के दूसरे सबसे से ज्यादा 1001 विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। खेल के मैदान पर वार्न जितने कामयाब रहे, उतने ही कुख्यात मैदान के बाहर भी रहे।

ड्रग्स, अनुशासनहीनता, सेक्स स्कैंडल से घिरे रहे वार्न : आज की तारीख में भले ही वार्न ने तमाम 'उतापों' से तौबा कर ली हो लेकिन एक समय वो भी था, जब उन पर अनुशासनहीनता, ड्रग्स, सेक्स स्कैंडल के आरोप भी लगे थे। इन्हीं आरोपों के कारण उन पर एक साल का बैन भी लगा था। यहां तक कि वे एक विश्व कप भी नहीं खेल पाए थे।

ब्रिटिश नर्स डोना राइट ने लगाए थे आरोप : ब्रिटिश नर्स डोना राइट ने 18 साल पहले यानी 2000 में शेन वार्न पर आरोप लगाया था कि वे मुझसे गंदी बातें करते हैं और अश्लील मैसेज भेजते हैं। यही नहीं, फोन पर गंदी बातें करने के अलावा वे मुझ पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी दबाव डालते हैं।

नर्स डोना राइट के बाद सामने आईं एंजेला : शेन वार्न का मिजाज किस तरह का रंगीन रहा है, इसका सबूत 2003 में एंजेला नाम की युवती ने दिया। उनका कहना था कि वार्न मुझे लगातार अश्लील मैसेज भेजकर परेशान करते हैं। 2006 में एक पत्रिका में वॉर्न 2 मॉडलों के सामने नमूदार हुए।
शेन वार्न के संबंध दो मॉडलों से : मॉडल्स का दावा था कि वार्न मेरे और मेरी दोस्त के साथ हमबिस्तर हुए। वे इतने फिट हैं कि उन्होंने हमें निराश नहीं किया। हम उनकी फिटनेस के कायल हो गए। 3 साल पहले जनवरी 2015 में एक 43 वर्षीय महिला ने भी वार्न से अपने सेक्स संबंध का खुलासा किया था। 15 सालों तक क्रिकेट की दुनिया का यह बादशाह मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह सुर्खियों में रहा लेकिन आज सब उनकी पुरानी गंदी आदतों को भूल गए हैं। वे आज भी ऑस्ट्रेलिया के 'क्रिकेट नायक' बने हुए हैं।

#MeToo अपने पूरे शबाब पर : जहां से इस लेख की शुरुआत हुई थी, बात वहीं पर आकर फिर से ठहर जाती है। 2006 में अमेरिकी सोशल एक्टिविस्ट तराना बुरके ने महिलाओं के साथ होने वाली यौन प्रताड़ना की शुरुआत भले ही की, लेकिन वैनेथ पल्ट्रो एश्ले जूट, जेनिफर लॉरेंस, उमा थुरमन जैसी कई अमेरिकी सैलिब्रिटीज ने इस अभियान को आगे बढ़ाया, जो खुद यौन प्रताड़ना की शिकार हो चुकी थीं। 2017 में अमेरिकी अभिनेत्री हार्वे एलिसा मिलानो ने #MeToo को सोशल मीडिया के मंच पर पापुलर किया। 2018 में यह काफी चर्चा में है और आने वाले समय में कौन-कौन सी हस्तियां बेनकाब होंगी, कुछ कहा नहीं जा सकता...


विज्ञापन

और भी पढ़ें :