बेहतर तिमाही परिणामों से सेंसेक्स ने बनाया रिकॉर्ड, 222 अंक की छलांग लगाकर 36,718.60 अंक पर बंद हुआ

पुनः संशोधित सोमवार, 23 जुलाई 2018 (18:32 IST)
मुंबई। कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणामों तथा दूरसंचार, एफएमसीजी, धातु और रियलिटी क्षेत्र की कंपनियों में जबरदस्त लिवाली से सोमवार को का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 222.23 अंक की छलांग लगाकर अब तक के स्तर 36,718.60 अंक पर पहुंच गया।

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई है। इसकी बढ़त में आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति, सुजुकी और हिंदुस्तान यूनिलिवर जैसी कंपनियों का सबसे ज्यादा योगदान रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 74.55 अंक की तेजी के साथ 11,084.75 अंक पर बंद हुआ, जो इस साल 24 जनवरी के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। शेयर बाजार में सोमवार को चौतरफा लिवाली दिखी। इससे बीएसई में दूरसंचार, एफएमसीजी और बेसिक मटिरियल्स समूहों के सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़े।
विदेशी बाजारों से मिले मिश्रित रुख के बीच बाजार की शुरुआत धीमी रही। सेंसेक्स 4.68 अंक की बढ़त में 36,501.05 अंक पर खुला। बिलकुल शुरुआती कारोबार में 36,491.83 अंक के दिवस के निचले स्तर को छूने के बाद इसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। दोपहर तक जहां इसकी बढ़त सीमित थी, वहीं दोपहर बाद इसका ग्राफ सरपट ऊपर की तरफ भागा।

कारोबार की समाप्ति से पहले यह बीच कारोबार के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर 36,749.69 अंक पर पहुंच गया। अंतत: यह गत दिवस के मुकाबले 222.23 अंक यानी 0.61 प्रतिशत चढ़कर 36,718.60 अंक पर बंद हुआ, जो अब तक का रिकॉर्ड बंद स्तर है। सेंसेक्स की 30 में से 21 कंपनियां हरे और शेष 9 लाल निशान में बंद हुईं।
निफ्टी 9.65 अंक चढ़कर 11,019.85 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान इसका निचला स्तर 11,010.95 अंक और उच्चतम स्तर 11,093.40 अंक रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह गत दिवस के मुकाबले 74.55 अंक यानी 0.68 अंक की बढ़त में 11,084.75 अंक पर बंद हुआ, जो 6 महीने का उच्चतम बंद स्तर है। निफ्टी की 50 में से 34 कंपनियों के शेयर बढ़त में और शेष 16 के गिरावट में रहे।

मझौली और छोटी कंपनियों में निवेशक ज्यादा लिवाल रहे। बीएसई का मिडकैप 1.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ 15,392.58 अंक पर और स्मॉलकैप 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,867.21 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,776 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,529 हरे और 1,061 लाल निशान में बंद हुईं जबकि 186 कंपनियों के शेयर अंतत: अपरिवर्तित रहे।
विदेशी बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.87 प्रतिशत और जापान का निक्की 1.33 प्रतिशत लुढ़क गया। हांगकांग का हैंगसेंग 0.11 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.07 प्रतिशत की बढ़त में रहे। यूरोप में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.33 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.37 प्रतिशत फिसल गए।

सेंसेक्स के समूहों में एनर्जी की 0.38 प्रतिशत की गिरावट को छोड़कर अन्य 19 के सूचकांक बढ़त में रहे। समूह का सूचकांक सबसे ज्यादा 2.47 प्रतिशत चढ़ा। एफएमसीजी समूह में 2.29 प्रतिशत, बेसिक मटिरियल्स में 2.16, रियलिटी में 1.90, धातु में 1.62, पॉवर में 1.48, इंडस्ट्रियल्स में 1.31, टिकाऊ उपभोक्त उत्पाद में 1.30 और पूंजीगत वस्तुओं में 1.22 प्रतिशत में तेजी रही।
सेंसेक्स की कंपनियों में वेदांता ने सबसे ज्यादा 4.42 प्रतिशत का मुनाफा कमाया। अदानी पोर्ट्स के शेयर 3.83 प्रतिशत, आईटीसी के 3.80, भारती एयरटेल के 3.49, आईसीआईसीआई के 3.33, मारुति सुजुकी के 3.31, टाटा स्टील के 2.66, एशियन पेंट्स के 2.63, भारतीय स्टेट बैंक के 2.09, इंडसइंड बैंक के 1.92, टाटा मोटर्स के 1.91, एनटीपीसी और हिंदुस्तान यूनिलिवर के 1.84, एक्सिस बैंक के 1.19, एलएंडटी के 0.80, इंफोसिस के 0.55, टीसीएस के 0.46, पॉवर ग्रिड के 0.43, सन फार्मा के 0.27, यस बैंक के 0.23 और कोटक महिंद्रा बैंक के 0.21 प्रतिशत चढ़े।
सबसे ज्यादा 6.20 प्रतिशत की गिरावट हीरो मोटोकॉर्प में रही। बजाज ऑटो के शेयर 5.35 प्रतिशत, विप्रो के 2.47, एचडीएफसी बैंक के 1.48, ओएनजीसी के 0.86, रिलायंस इंडसट्रीज के 0.74, एचडीएफसी के 0.44, कोल इंडिया के 0.32 और महिंद्रा एंड महिंद्रा के 0.20 प्रतिशत लुढ़क गए। (वार्ता)


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