इसे कहते हैं सि‍द्ध महायोगी

अनिरुद्ध जोशी|
उपनिषद अनुसार जन्म और मृत्यु के बीच तीन अवस्थाएं होती हैं:- 1.जागृत, 2.और 3.सुषुप्ति। उक्त तीन अवस्थाओं से बाहर निकलने का मार्ग है हिन्दू धर्म।
1.अवस्था
आंखें खुली होने का अर्थ जागा हुआ व्यक्ति लेकिन खुली आंखों से स्वप्न देखना, कल्पना करना, विचार करना या खयालों में खो जाने का अर्थ है सपनों में ही जीना। सिर्फ 1 प्रतिशत लोग ही वर्तमान में ठीक-ठीक जागृत रहते हैं।

2.स्वप्न अवस्था
जागृति और निद्रा के बीच की अवस्था को स्वप्न अवस्था कहते हैं। स्वप्न में व्यक्ति थोड़ा जागा और थोड़ा सोया रहता है। इसमें अस्पष्ट अनुभवों और भावों का घालमेल रहता है इसलिए व्यक्ति कब कैसे स्वप्न देख ले कोई भरोसा नहीं।
3.सुषुप्ति अवस्था
गहरी और स्वप्न रहित नींद को सु‍षुप्ति कहते हैं। इस अवस्था में पांच ज्ञानेंद्रियां और पांच कर्मेंद्रियां सहित आत्मा विश्राम करते हैं। मृत्यु काल में अधिकतर लोग इससे और गहरी अवस्था में चले जाते हैं।

4.अवस्था
चेतना की चौथी अवस्था को तुरीय कहते हैं। यह अवस्था व्यक्ति के प्रयासों से प्राप्त होती है। इसमें न जागृति है, न स्वप्न और न सुषुप्ति। यह निर्विचार और अतीत व भविष्य की कल्पना से परे है।
5.तुरीयातीत अवस्था
तुरीय अवस्था के पार पहला कदम तुरीयातीत अनुभव का। यह अवस्था तुरीय का अनुभव स्थाई हो जाने के बाद आती है। चेतना की इसी अवस्था को प्राप्त व्यक्ति को योगी या योगस्थ कहा जाता है। इस अवस्था में व्यक्ति को शरीर की आवश्यकता नहीं रहती।

6.भगवत चेतना
तुरीयातीत की अवस्था में रहते-रहते भगवत चेतना की अवस्था बिना किसी साधना के प्राप्त हो जाती है। इसके बाद का विकास सहज, स्वाभाविक और नि:प्रयास हो जाता है। यह एक महान सि‍द्ध महायोगी की अवस्था है।

7.ब्राह्मी चेतना
भगवत चेतना के बाद व्यक्ति में ब्राह्मी चेतना का उदय होता है अर्थात कमल का पूर्ण रूप से खिल जाना। अहम् ब्रह्मास्मि और तत्वमसि अर्थात मैं ही ब्रह्म हूं और यह संपूर्ण जगत ही मुझे ब्रह्म नजर आता है।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

नहीं 'टल' सकी 'अटल' जी के निधन की भविष्यवाणी, जानिए किसने ...

नहीं 'टल' सकी 'अटल' जी के निधन की भविष्यवाणी, जानिए किसने की थी ...
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु को लेकर भी कुछ इसी तरह की भविष्यवाणी की ...

ईद-उल-अजहा : जानें कुर्बानी का इतिहास, मकसद और कौन करे ...

ईद-उल-अजहा : जानें कुर्बानी का इतिहास, मकसद और कौन करे कुर्बानी
इब्रा‍हीम अलैय सलाम एक पैगंबर गुजरे हैं, जिन्हें ख्वाब में अल्लाह का हुक्म हुआ कि वे अपने ...

नींद लेने से पहले कर लें ये 10 कार्य, अन्यथा पछताएंगे आप

नींद लेने से पहले कर लें ये 10 कार्य, अन्यथा पछताएंगे आप
24 घंटे में 8 घंटे हम यदि ऑफिस की कुर्सी पर तो 8 घंटे हम बिस्तर पर गुजारते हैं। बिस्तर की ...

जानिए इस बार 'पंचक' में क्यों बंधेगी राखी...

जानिए इस बार 'पंचक' में क्यों बंधेगी राखी...
इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व प्रतिवर्षानुसार श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि दिनांक ...

हिन्दी साहित्य का सर्वोत्तम महाकाव्य है तुलसी का ‘रामचरित ...

हिन्दी साहित्य का सर्वोत्तम महाकाव्य है तुलसी का ‘रामचरित मानस’
तुलसी का ‘रामचरित मानस’ हिन्दी साहित्य का सर्वोत्तम महाकाव्य है जिसकी रचना चैत्र शुक्ल ...

रक्षाबंधन पर देना है बहन को उपहार तो इस बार दीजिए उसकी राशि ...

रक्षाबंधन पर देना है बहन को उपहार तो इस बार दीजिए उसकी राशि अनुसार
हर भाई चाहता है कि उसकी बहन के जीवन में खुशियां बनी रहे। हम लाए हैं बहनों की राशि अनुसार ...

भारत के इस शहर का हजारों सालों से छुपा रहस्य हुआ उजागर, ...

भारत के इस शहर का हजारों सालों से छुपा रहस्य हुआ उजागर, जानकर आप भी चौंक जाएंगे
भोपाल। मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी भोपाल को पूर्व में भोजपाल कहा जाता था। राजा भोज ने इस ...

भाई के लिए शुभ और मंगलदायक होती है इन 5 चीजों से बनी राखी, ...

भाई के लिए शुभ और मंगलदायक होती है इन 5 चीजों से बनी राखी, जानिए वैदिक राखी बनाने की विधि
अपने लाड़ले भाई के लिए बहनें सामान्य रेशम डोर से लेकर सोने, चांदी, डायमंड और स्टाइलिश ...

रक्षाबंधन पर बहनों के लिए यह है बड़ी खुशखबर... मोदी सरकार ...

रक्षाबंधन पर बहनों के लिए यह है बड़ी खुशखबर... मोदी सरकार का फैसला
26 अगस्त 2018 को राखी का पर्व है। चारों तरफ बाजार में रौनक है। बहनें राखियां तलाश रही ...

पवित्रा एकादशी : तेजस्वी संतान और वायपेयी यज्ञ का फल देती ...

पवित्रा एकादशी : तेजस्वी संतान और वायपेयी यज्ञ का फल देती है यह पवित्र एकादशी
पवित्रा एकादशी को पुत्रदा एकदशी, पवित्रोपना एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष यह ...

राशिफल