भीमाष्टमी पर्व : हस्तिनापुर की महान हस्ती भीष्म पितामह की जीवनगाथा

माघ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को प्रतिवर्ष भीमाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पितामह ने अपने शरीर को छोडा़ था, इसीलिए यह दिन उनका निर्वाण दिवस है। आइए जानें पौराणिक व्रत कथा...

पौराणिक कथा के अनुसार- का असली नाम था। वे हस्तिनापुर के राजा शांतनु की पटरानी गंगा की कोख से उत्पन्न हुए थे। एक समय की बात है। राजा शांतनु शिकार खेलते-खेलते गंगा तट के पार चले गए। वहां से लौटते वक्त उनकी भेंट हरिदास केवट की पुत्री मत्स्यगंधा (सत्यवती) से हुई। मत्स्यगंधा बहुत ही रूपवान थी। उसे देखकर शांतनु उसके लावण्य पर मोहित हो गए।
राजा शांतनु हरिदास के पास जाकर उसका हाथ मांगते है, परंतु वह राजा के प्रस्ताव को ठुकरा देता है और कहता है कि- महाराज! आपका ज्येष्ठ पुत्र देवव्रत है। जो आपके राज्य का उत्तराधिकारी है, यदि आप मेरी कन्या के पुत्र को राज्य का उत्तराधिकारी बनाने की घोषणा करें तो मैं मत्स्यगंधा का हाथ आपके हाथ में देने को तैयार हूं। परंतु राजा शांतनु इस बात को मानने से इन्कार कर देते है।

ऐसे ही कुछ समय बीत जाता है, लेकिन वे मत्स्यगंधा को न भूला सके और दिन-रात उसकी याद में व्याकुल रहने लगे। यह सब देख एक दिन देवव्रत ने अपने पिता से उनकी व्याकुलता का कारण पूछा। सारा वृतांत जानने पर देवव्रत स्वयं केवट हरिदास के पास गए और उनकी जिज्ञासा को शांत करने के लिए गंगा जल हाथ में लेकर शपथ ली कि 'मैं आजीवन अविवाहित ही रहूंगा'।
देवव्रत की इसी कठिन प्रतिज्ञा के कारण उनका नाम भीष्म पितामह पडा़। तब राजा शांतनु ने प्रसन्न होकर अपने पुत्र को इच्छित मृत्यु का वरदान दिया। के युद्ध की समाप्ति पर जब सूर्यदेव दक्षिणायन से उत्तरायण हुए तब भीष्म पितामह ने अपना शरीर त्याग दिया। इसलिए माघ शुक्ल अष्टमी को उनका निर्वाण दिवस मनाया जाता है।
माना जाता है कि इस दिन भीष्म पितामह की स्मृति के निमित्त जो श्रद्धालु कुश, तिल, जल के साथ श्राद्ध तर्पण करता है, उसे संतान तथा मोक्ष की प्राप्ति अवश्य होती है और पाप नष्ट हो जाते हैं।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

इन तीन लोगों के सिर धड़ से अलग हो गए थे लेकिन जोड़ दिए गए, ...

इन तीन लोगों के सिर धड़ से अलग हो गए थे लेकिन जोड़ दिए गए, जानिए प्राचीन रहस्य
प्राचीन भारत में चिकित्सा और सर्जरी के कई किस्से पुराणों में पढ़ने को मिलते हैं। हालांकि ...

जब दुर्योधन ने अपनी पत्नी को देखा कर्ण के साथ...

जब दुर्योधन ने अपनी पत्नी को देखा कर्ण के साथ...
दुर्योधन की पत्नी का नाम भानुमति था। भानुमति के कारण ही यह मुहावरा बना है- कहीं की ईंट ...

ज्योतिष के अनुसार सूर्य की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते ...

ज्योतिष के अनुसार सूर्य की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते होंगे...
ज्योतिष के अनुसार ग्रह की परिभाषा अलग है। भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में नौ ग्रह ...

सावधान... 28 जून से मंगल होगा वक्री, क्या होगी 12 राशियों ...

सावधान... 28 जून से मंगल होगा वक्री, क्या होगी 12 राशियों की स्थिति
मंगल जब उच्च का होकर वक्री होता है, तो जहां उच्च का फल देता आया है, अब वहां नीच का फल ...

नागमणि के पास होने से क्या होता है? देखें चमत्कारिक नागमणि ...

नागमणि के पास होने से क्या होता है? देखें चमत्कारिक नागमणि का वीडियो
नागमणि का रहस्य आज भी अनसुलझा हुआ है। आम जनता में यह बात प्रचलित है कि कई लोगों ने ऐसे ...

20 जून 2018 : आपका जन्मदिन

20 जून 2018 : आपका जन्मदिन
दिनांक 20 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। ग्यारह की संख्या आपस में मिलकर दो होती है इस ...

20 जून 2018 के शुभ मुहूर्त

20 जून 2018 के शुभ मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2075, अयन- उत्तरायन, मास- ज्येष्ठ, पक्ष- शुक्ल, हिजरी सन्- 1439, मु. ...

कर्ज से मुक्ति हेतु करें हनुमानजी के ये 4 उपाय

कर्ज से मुक्ति हेतु करें हनुमानजी के ये 4 उपाय
यदि किसी कारणवश आप कर्ज में डूब गए हैं या कर्ज से परेशान हैं तो हनुमान भक्ति से कर्ज से ...

हनुमानजी पर लिखे गए स्तुति, मंत्र और ग्रंथों की सूची

हनुमानजी पर लिखे गए स्तुति, मंत्र और ग्रंथों की सूची
रामभक्त हनुमानजी पर यूं तो हजारों ग्रंथ, गुटका आदि लिखें गए हैं, लेकिन उनकी स्तुति में ...

अचानक धन मिल जाए तो बात बन जाए.. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो ...

अचानक धन मिल जाए तो बात बन जाए.. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो यह 6 उपाय आजमाएं
परिश्रम से बड़ा कोई धन नहीं। लेकिन सांसारिक सुखों को हासिल करने के लिए जो धन चाहिए वह अगर ...

राशिफल