आत्मा की सात अवस्थाएं, जानिए

वेद अनुसार जन्म और मृत्यु के बीच और फिर मृत्यु से जन्म के बीच तीन अवस्थाएं ऐसी हैं जो अनवरत और निरंतर चलती रहती हैं। वह तीन अवस्थाएं हैं : जागृत, स्वप्न और सुषुप्ति। उक्त तीन अवस्थाओं से बाहर निकलने की विधि का नाम ही है हिन्दू धर्म।

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'आत्मा' के बारे में 10 जानकारी

तुम्हें और मुझे ही आत्मा कहा जाता है। तुम्हारे और हमारे ही नाम रखे जाते हैं। जब हम शरीर छोड़ देते हैं तो कुछ लोग तुम्हें या मुझे भूतात्मा मान ...

स्पिरिट मशीन’ से आत्मा से बात करने का दावा

विक्का धर्म की एक पुजारिन ने दावा किया है कि उन्होंने विवादास्पद ‘स्पिरिट मशीन’ की प्रतिकृति के साथ सफल प्रयोग करके आत्माओं से बात की है। ऐसा ...

कैसा है 'आत्मा' का रंग?

दुनिया का शायद ही कोई व्यक्ति जानता होगा की आत्मा का रंग क्या है। क्या सचमुच ही आत्मा का भी रंग होता है? कहते हैं कि आत्मा का कोई रंग नहीं होता ...

कौन बनता है भूत, कैसे रहें भूतों से सुरक्षित

आत्मा के तीन स्वरुप माने गए हैं– जीवात्मा, प्रेतात्मा और सूक्ष्मात्मा। जो भौतिक शरीर में वास करती है वह जीवात्मा कहलाती है। जब वासनामय शरीर में ...

मौत के बाद क्या होता है?

जब शरीर छूटता है तो व्यक्ति के साथ क्या होता है यह सवाल सदियों पुराना है। इस संबंध में जनमानस के चित्त पर रहस्य का पर्दा आज भी कायम है जबकि इसका ...

आत्मा का अन्नमय कोश-1

वेद में सृष्टि की उत्पत्ति, विकास, विध्वंस और आत्मा की गति को पंचकोष के क्रम में समझाया गया है। पंच कोष ये हैं- 1. अन्नमय, 2. प्राणमय, 3. मनोमय, ...

आत्मा का विज्ञानमय कोश-4

वेद में सृष्टि की उत्पत्ति, विकास, विध्वंस और आत्मा की गति को पंचकोश के क्रम में समझाया गया है। पंचकोश ये हैं- 1. अन्नमय, 2. प्राणमय, 3. मनोमय, ...

आत्मा का आनंदमय कोश-5

वेद में सृष्टि की उत्पत्ति, विकास, विध्वंस और आत्मा की गति को पंचकोश के क्रम में समझाया गया है। पंचकोश ये हैं- 1. अन्नमय, 2. प्राणमय, 3. मनोमय, ...

अनुभूति के चार स्तर

वेद और वेदांत अनुसार आत्मा होश के कुछ स्तर और उप-स्तर बताएँ गए है। पंचकोश या पंचतत्व से बंधी हुई आत्मा स्वयं को मूलत: त्रिस्तरों में पाती हैं। ...

आत्मा का मनोमय कोश-3

वेद में सृष्टि की उत्पत्ति, विकास, विध्वंस और आत्मा की गति को पंचकोश के क्रम में समझाया गया है। पंचकोश ये हैं- 1. अन्नमय, 2. प्राणमय, 3. मनोमय, ...

आत्मा का प्राणमय कोश-2

वेद में सृष्टि की उत्पत्ति, विकास, विध्वंस और आत्मा की गति को पंचकोश के क्रम में समझाया गया है। पंचकोश ये हैं- 1. अन्नमय, 2. प्राणमय, 3. मनोमय, ...

आत्मा के पाँच कोष और चार स्तर

जड़ में प्राण; प्राण में मन; मन में विज्ञान और विज्ञान में आनंद। यह चेतना या आत्मा के रहने के पाँच स्तर हैं। आत्मा इनमें एक साथ रहती है। यह अलग ...

आत्मवान बनो: वेद

आत्मा को चेतन, जीवात्मा, पुरुष, ब्रह्म स्वरूप, साक्षित्व आदि अनेक नामों से जाना जाता जाता है। आत्म तत्व स्वत: सिद्ध और स्वप्रकाश है। प्रत्येक ...

आत्‍मा एव इदं सर्वम्

हिन्दू सनातन धर्म के अनुसार संपूर्ण दृष्यमान और परिवर्तनशील जगत का आधार अभौतिक व अदृश्य आत्मा है, जो सनातन और अजर-अमर है। हिंदू धर्म अनुसार ...

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ज्योतिष विज्ञान है, अंधविश्वास नहीं... पढ़ें आलेख

ज्योतिष अंधविश्वास नहीं है, सदियों का विश्वास है, प्रामाणिक विज्ञान और सशक्त शास्त्र है। समूची ...

मनचाहा जीवनसाथी दिलाएं राशिनुसार सरल उपाय

मनचाहा जीवनसाथी पाना हर युवा की आंख का सपना होता है। अगर आप भी अब तक कुंवारे हैं तो कीजिए अपनी राशि ...

नवग्रहों की पौराणिक सुंदर प्रार्थना, पढ़ें अर्थ सहित

नवग्रहों को एक साथ प्रसन्न करना थोड़ा मुश्किल है। आप अपनी कुंडली के कमजोर ग्रहों को पहले प्रसन्न ...

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धर्म संसार

26 नवंबर 2014 : क्या कहती है आपकी राशि

मेष- धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। आनंदोत्सव का हिस्सा बनेंगे। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। निवेशादि से ...

आज जिनका जन्मदिन है (26.11.2014)

दिनांक 26 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। इस दिन ...

समाचार

काठमांडू-दिल्ली सीधी बस सेवा से सुगम हुई आवाजाही

नई दिल्ली/ काठमांडू। भारत के दक्षिण एशियाई देशों की जनता को एक दूसरे के और नजदीक लाने और उन्हें ...

अमेरिका के फर्ग्यूसन क्षेत्र में भीषण हिंसा भड़की

वॉशिंगटन। अमेरिका में मिसौरी प्रांत के फर्ग्यूसन क्षेत्र में अगस्त माह में एक अश्वेत युवक माइकल ...

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