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कुंडली में होती है 8 प्रकार की योगिनी दशा, जानें शुभ-अशुभ संकेत, क्या मिलता है फल...

शनिवार,जुलाई 7, 2018
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हिंदू पंचांग के पंचांग अंग है:- तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। उचित तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को देखकर ही कोई शुभ ...
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जन्मकुंडली में नवम भाव भाग्य-धर्म-यश का है। इस भाव का स्वामी किस भाव में किस स्थिति, किन ग्रहों के साथ या दृष्ट है।
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हमारी हथेली पर कई तरह के चिन्ह बने होते हैं। हर चिन्ह का कोई ना कोई अर्थ निहित होता है। आज हम आपके लिए लाए हैं हथेली के ...
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भविष्य में आपको कौन-कौन से रोग हो सकते हैं इसकी जानकारी हस्तरेखा के अनुसार हासिल की जा सकती है। आइए जानें यहां प्रस्तुत ...
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अपनी जन्मकुंडली में धनवान होने के योग स्वयं देख सकते हैं। जानिए कुछ प्रमुख चमत्कारी धनवान योग-
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ज्योतिष शास्त्र में सूर्य सबसे प्रधान ग्रह है। सूर्य का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बुध अपना प्रभाव अन्य ग्रहों ...
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हर ग्रह शरीर के जिस अंग का प्रतिनिधित्व करता है उसी के अनुसार रोग होते हैं जैसे शुक्र काम कला का प्रतीक है तो समस्त यौन ...
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जन्मकुंडली में कोई भी ग्रह कहीं भी बैठा हो वह दूसरे ग्रह आदि पर दृष्टि डालता है तो उस दृष्टि का प्रभाव शुभ या अशुभ होता ...
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सामान्यतः किसी भी जातक की जन्मपत्रिका में लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में से किसी भी एक भाव में मंगल का ...
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विवाह के पूर्व लड़के और लड़की की कुंडली मिलान को मेलापक या मेलन-पद्धति कहते हैं। इसे मिलान पत्रक या अष्टकूट मिलान भी ...
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IAS, IPS बनना है तो सबसे पहले जन्म लग्न का प्रबल होना जरूरी है। आइए जानते हैं क्या कहता है ज्योतिष...
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कुंडली का फलित निकालते या अध्ययन करते समय कई नियम और बातों का ध्यान रखना पड़ता है। उन प्रमुख बातों में से एक है कुंडली ...
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अगर जन्मकुंडली के दूसरे भाव में शुभ ग्रह बैठा हो तो जातक के पास अथाह पैसा आता है। जानिए कुछ प्रमुख चमत्कारी धनवान योग-
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हिंदू कालगणना का आधार नक्षत्र, सूर्य और चंद्र की गति पर आधारित है। इसमें नक्षत्र को समसे महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। ...
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ग्रह धरती की तरह के वे खगोलीय पिंड हैं, जो पृथ्वी के साथ-साथ अंतरिक्ष में अपनी धुरी पर स्थिर रहकर गतिमान हैं। कुछ ग्रह ...
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भचक्र क्या है? भचक्र को ही राशि चक्र कहते हैं। राशि या राशि चक्र को समझने के लिए नक्षत्रों को समझना आवश्यक है। क्योंकि ...
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वर्तमान समय में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में वृद्धि हुई है। काम-क्रोध आदि षड्विकार सभी मनुष्यों में पाए जाते हैं। ...
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अक्सर अपनी जन्म पत्रिका का परीक्षण करवाते समय लोगों का प्रश्न होता है कि किस दिशा में उन्हें सफलता प्राप्त होगी या किस ...
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जीवन की कोई भी शुभ या अशुभ घटना राहु और केतु की दशा या अंतरदशा में घटित हो सकती है। यह घटना राहु या केतु का संबंध किसी ...
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