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रक्षा बंधन का सटीक और शुद्ध मुहूर्त

Author आचार्य राजेश कुमार|


2017 में पर चंद्र ग्रहण है जो रात्रि 10.52 से शुरू होकर 12.22 तक रहेगा। चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व लग जाएगा। इससे पहले भद्रा का प्रभाव रहेगा। चंद्रग्रहण पूर्ण नहीं होगा बल्कि खंडग्रास होगा। भद्रा योग और सूतक में राखी नहीं बांधनी चाहिए। चंद्र ग्रहण के प्रभाव के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान पूजा-पाठ नहीं होगा। जब सूतक आरंभ हो जाता है तो केवल मंत्रों का जाप किया जा सकता है। इस दौरान किसी भी तरह का शुभ काम नहीं होता।
 
की सुबह 11.07 बजे से बाद दोपहर 1.47 बजे तक रक्षा बंधन हेतु शुभ समय है। 

 
राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव
 
 चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से मेष, सिंह, वृश्चिक, व मीन राशि वाले के लिए शुभ, वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, धनु, मकर और कुंभ राशि वाले जातकों के लिए अशुभ होगा। 
 
श्रावण नक्षत्र में जन्मे जातकों के लिए ग्रहण अशुभ माना जा रहा है। सबसे अच्छा और सही तरीका यही है कि ग्रहण काल के समय अपने इष्ट का स्मरण एवं जाप करना अत्यधिक शुभ फलदायक होगा। 
 
     इसीलिए गौहाटी के कामाख्या मंदिर और वेस्ट बंगाल के रामपुरहाट के तारापीठ इत्यादि मंदिरों पर हजारों की संख्या में भक्त ,साधक ऋषि-मुनि सभी भक्तजन मंदिरों के बाहर अपने किसी ना किसी जाप या इष्टदेव को सिद्ध करने में लगे रहते हैं। 
 
  शास्त्रो में कहा गया है कि विभिन्न सिद्धियों की प्राप्ति हेतु या अपने परिवार में निरंतर सुख समृद्धि एवं शांति की प्राप्ति हेतु ग्रहण काल से अच्छा समय और नहीं मिलेगा। अतः इस समय का सदुपयोग करना चाहिए।
 
 
 
: 7 अगस्त की सुबह 11.07 बजे से बाद दोपहर 1.47 बजे तक 


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