महिलाओं के साथ अन्याय दूर करने का संकल्प ले समाज : सुषमा स्वराज

sushma
पुनः संशोधित गुरुवार, 8 मार्च 2018 (17:42 IST)
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय तथा उनकी पीड़ा दूर करने के लिए केंद्र, राज्य सरकारों, सांसदों, विधायकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों को मिलकर संकल्प लेना चाहिए।

राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस' के अवसर पर लगभग 1 घंटे तक चली 'विशेष चर्चा' का जवाब देते हुए स्वराज ने कहा कि महिलाओं ने बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की हैं। महिलाएं ऐसे क्षेत्रों में प्रवेश कर रही हैं जिनमें अभी तक पुरुषों का वर्चस्व रहा है।

उन्होंने कहा कि हालांकि अभी भी कमियां बाकी हैं। महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय तथा उनकी पीड़ा को दूर करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सांसदों, विधायकों को समाज के विभिन्न वर्गों को मिलकर काम करने की जरूरत है। इसके लिए संकल्प लिया जाना चाहिए और एक आंदोलन चलाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा के दौरान वे गर्व के साथ बताती हैं कि भारत में महिलाएं शीर्ष पदों पर रही हैं। देश में महिलाएं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यसभा की सभापति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्य की मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल जैसे पदों को सुशोभित कर चुकी हैं। कई राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की प्रमुख महिलाएं हैं।

स्वराज ने गणतंत्र दिवस समारोह में सीमा सुरक्षाबल की महिला कमांडो के मोटरसाइकलों पर हैरतअंगेज प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं ने ऐसे तमाम क्षेत्रों में अपनी पहुंच बनाई है जिन्हें पुरुषों का आधिपत्य समझा जाता था। (वार्ता)


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