अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खास बातें

पुनः संशोधित बुधवार, 19 अप्रैल 2017 (12:26 IST)
नई दिल्ली। भाजपा के नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को वर्ष 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को
सीबीआई की याचिका को स्वीकार कर लिया है और इन नेताओं के खिलाफ लगे आपराधिक साजिश के आरोपों को बहाल कर दिया है।
अयोध्या मामले में के फैसले की खास बातें...
* लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 10 लोगों पर ढांचा गिराने की आपराधिक साजिश करने का मुकदमा चलेगा।
* शीर्षस्थ अदालत ने मामले को रायबरेली से लखनऊ की स्पेशल कोर्ट को हस्तांतरित कर दिया है।
* कारसेवकों के मामले के साथ ही मुकदमा चलेगा।
* विशेष अदालत को दो साल में पूरी करनी होगी मामले की सुनवाई।
* मामले में विशेष अदालत रोजाना करेगी सुनवाई
* लखनऊ की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की विशेष अदालत 4 सप्ताह में भारतीय दंड संहिता की धारा 120 B (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय करेगी।
* मामले में कल्याण सिंह को राज्यपाल होने की वजह से पद पर बने रहने तक छूट रहेगी और उन पर पद छोड़ने के बाद कार्यवाही की जाएगी।
* मामले की सुनवाई पूरी होने तक इससे जुड़े न्यायाधीश का ट्रांसफर नहीं होगा।
* मामले का ट्रायल वहीं से शुरू किया जाएगा, जहां पहले था।
* किसी ठोस कारण के बिना केस की सुनवाई नहीं टाली जाएगी।

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