क्षेत्रीय भाषाओं में बना सकेंगे इंटरनेट डोमेन

Last Updated: रविवार, 12 अगस्त 2018 (11:24 IST)
कोलकाता। नाम अब तक आपको अंग्रेजी में ही उपलब्ध थे लेकिन जल्द ही आप अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी इंटरनेट डोमेन का नाम बना सकेंगे। गैरलाभकारी निगम इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइंड नेम्स एंड नंबर्स (आईसीएएनएन) दुनियाभर में इंटरनेट के डोमेन नाम प्रणाली (डीएनएस) का कामकाज देखता है।

निगम देश की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं सहित भारत में बोली जाने वाली कई भाषाओं में डोमेन नाम तैयार करने के काम में जुटा है। आईसीएएनएन के भारत प्रमुख समीरन गुप्ता ने 'प्रेट्र' को बताया कि भारत की 9 लिपियों बंगाली, देवनागरी, गुजराती, गुरमुखी, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, और तेलुगु पर काम जारी है। उम्मीद है कि कई स्थानीय भाषाओं का काम भी इन लिपियों के जरिए हो जाएगा।
आईसीएएनएन वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल होने वाली लिपियों के वास्ते उच्चस्तरीय डोमेनों के लिए सुरक्षित और स्थिर दिशा में काम कर रही है ताकि अंग्रेजी का ज्ञान नहीं रखने वाले लोग भी अपनी भाषाओं में डोमेन नाम के साथ ऑनलाइन जाकर वेबसाइट देख सकें।

एक उदाहरण के तौर पर अब तक लोग इस उद्देश्य के लिए अंग्रेजी में डोमेन नाम टाइप करते थे लेकिन इसके बजाय अब एक व्यक्ति हिन्दी में सामग्री प्राप्त करने के लिए हिन्दी में डोमेन डाल सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया की करीब 52 प्रतिशत आबादी इस समय इंटरनेट का इस्तेमाल करती है और आईसीएएनएन डिजिटल दूरियों की खाई को पाटने की दिशा में काम कर रहा है। (भाषा)

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