मेरे पति तो रमजान में ही पाक गोलीबारी में शहीद हुए, आतंकियों पर रहम क्यों...

पुनः संशोधित शुक्रवार, 18 मई 2018 (18:11 IST)
शुक्रवार को की गोलीबारी में शहीद हुए बीएसएफ के सिपाही की पत्नी सदमे में हैं और जम्मू कश्मीर में के दौरान संघर्षविराम पर सवाल उठाते हुए मेरे पति की मौत तो पाकिस्तान की गोली से रमजान के दौरान ही हुई है।

गौरतलब है कि देर रात को पाकिस्तान ने दो सीमांत जिलों में दो दर्जन से अधिक चौकियों व गांवों को निशाना बनाकर गोले दागने शुरू कर दिए। अरनिया के जबोवाल में गोलाबारी का जवाब दे रहे 192 बटालियन के सीताराम उपाध्याय पुत्र बृजनंदन उपाध्याय शहीद हो गए। वह झारखंड के गिरीडीह जिले के पालीगंज गांव के रहने वाले थे। पाकिस्तान की गोलीबारी में चार स्थानीय लोगों की भी मौत हो गई।

एएनआई के ट्‍वीट के मुताबिक शहीद सीताराम की पत्नी ने कहा कि सरकार ने रमजान के महीने में आतंकियों पर कार्रवाई नहीं करने का वादा किया है, लेकिन उनके पति की पाक गोलीबारी में मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मुआवजा मिलने से क्या होगा, इससे मेरे पति वापस तो नहीं आ जाएंगे?
कांस्टेबल सीताराम उपाध्याय (28) 2011 में सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि उपाध्याय का तीन साल का बेटा और एक साल की बेटी है।(फोटो सौजन्य : ट्‍विटर)

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