बुलंदशहर हिंसा : गिरफ्तारी में देरी से योगी हुए नाराज, अधिकारियों को दिए निर्देश

लखनऊ| पुनः संशोधित बुधवार, 5 दिसंबर 2018 (11:25 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर और लखनऊ में हुई घटनाओं पर नाराज़गी जताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार देर रात गोरखपुर से लौटने के बाद अपने सरकारी आवास पर पुलिस और प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।

उन्होंने बुलंदशहर की घटना को गहरी साजिश का हिस्सा करार देते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के अधिकारियों को निर्देश दिए।

बैठक में योगी ने विशेष रूप से बुलंदशहर और लखनऊ की घटना पर नाराजगी जताई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वालों से कड़ाई से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर घटना की गंभीरता से जांच की जाए और गोकशी में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने गोकशी से संबंध रखने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लोगों को अभियान चलाकर गिरफ्तार करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह बवाल बुलंदशहर में क्यों हुआ, वहां एक बड़ा समारोह हो रहा था। पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए योगी ने कहा कि वहां गोकशी कब से चल रही थी।
उन्होंने कहा कि जब 19 मार्च 2017 से अवैध बूचड़खाने बंद कर दिए गए हैं तो यह अवैध काम कैसे हो रहा था। उन्होंने बुलंदशहर की घटना के मद्देनज़र प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में इस तरह के अवैध काम होंगे, वहां के अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होंगे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बुलंदशहर हिंसा में मारे गए सुमित चौधरी और लखनऊ के महागनर क्षेत्र में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता प्रत्युष मणि त्रिपाठी के परिजनों को दस-दस लाख रुपए की आर्थिक सहायता की भी घोषणा की।
प्रवक्ता के अनुसार करीब आधी रात तक चली इस बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अनूपचन्द्र पांडेय, गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, अपर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि बुलंदशहर के स्याना में गत 3 दिसंबर को गोकशी को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद पत्थराव और आगजनी के बीच हुई फायरिंग में स्याना कोतवाली के प्रभारी सुबोध कुमार सिंह और सुमित नामक युवक की मृत्यु हो गई थी। इस घटना की एसआईटी जांच की जा रही है। बुलंदशहर घटना के सिलसिले में तीन मामले दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा तीन दिसम्बर की रात लखनऊ के महानगर इलाके में भाजपा कार्यकर्ता प्रत्युष मणि त्रिपाठी की अज्ञात लोगों ने चाकू से हत्या कर दी थी। बुलंदशहर घटना में पुलिस अबतक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि लखनऊ घटना में दो अरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। (वार्ता)


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