अहिल्याबाई : जन आस्था और विश्वास की देवी

भारतवर्ष की प्रथम पूजनीय देवी तुल्य मां होलकर एक ऐसा नाम है जिसके प्रति कोटि-कोटि जन की आस्था, विश्वास यहां तक कि चमत्कार की उम्मीद भी। कई सतयुग से लेकर वर्तमान लोकतंत्र तक सदियों... बरसों... गुजर गए और कई शासक आए और गए। पुरुष शासन रहा, वहीं नारी वर्ग का भी समय-समय पर शासन रहा। लेकिन जो देवी के रूप में पूजन अहिल्याबाई होलकर का हुआ और होता है, वैसा बहुत ही कम शासिकाओं का होता है।
अहिल्याबाई होलकर का नाम सुनकर आज भी मस्तक श्रद्धा से झुक जाता है। मप्र राज्य के इंदौर और महेश्वर से अपना शासन संचालित करने वालीं देवी अहिल्याबाई होलकर एक धर्मप्राण शासिका थीं। उनके शासन में चारों ओर सुख-शांति थी और यही कारण है कि देवी अहिल्याबाई का देवीतुल्य विश्वास जन-जन में बसा हुआ है।

यहां तक कि बरसों बाद भी आज के वैज्ञानिक युग में लोग कहते हैं कि अहिल्याबाई का अभी भी इतना गुप्त खाद्यान्न भंडार भरा पड़ा है कि अगर अकाल पड़ गया तो ये द्वार मां अहिल्याबाई की कृपा से अपने आप खुल जाएंगे। यह अंधविश्वास नहीं कहा जा सकता, बल्कि आत्मिक श्रद्धा-भक्ति और गूढ़ विश्वास का भाव माना जा सकता है। मगर इस बात में कोई दोराय नहीं कि आज के दौर में भी अहिल्याबाई होलकर देवी के रूप में पूजनीय है।
मेरे परिचित ने मुझे अपना किस्सा सुनाया था कि जब वह रोजगार के लिए इंदौर आया तो उसके पास उस समय 10-15 रुपए थे, जो 2-4 दिन चल गए। जब पैसे खत्म हो गए तो उसने 2-4 दिन सार्वजनिक नलों से पानी पीकर भूख-प्यास मिटाई और जब स्थिति असह्य हो गई तो वह इंदौर स्थित राजबाड़ा क्षेत्र में बने देवी अहिल्याबाई होलकर उद्यान में बैठकर एकटक अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को देखकर बहते हुए आंसुओं के साथ मन ही मन प्रार्थना करता रहा कि तेरी नगरी में कोई भूखा नहीं रहता तो मेरे साथ ऐसा क्यों? तकरीबन पौन घंटा हुआ होगा कि एक व्यापारी ने आकर उससे बोला कि काम करेगा? उसने तुरंत 'हां' भर दी।
वह बोला- 'बाबूजी, मैं भूखा-प्यासा हूं, पहले खाना खिलवा दो और फिर जो काम दोगे, मैं कर दूंगा। व्यापारी ने उसे खाना खिलवाया। उसके बाद वह व्यापारी के काम में लग गया। उस परिचित ने देवी अहिल्याबाई की इस कृपा को अपने हृदय में बसा लिया।

उसी व्यापारी के यहां से उसने अपना खुद का काम शुरू किया और अच्छा व्यापारी बन गया। भले ही यह इत्तेफाकन हुआ हो, लेकिन देवी अहिल्याबाई होलकर के प्रति जो आस्था और विश्वास आज भी जन-जन में मौजूद है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। आज भी देवी अहिल्याबाई की दानशीलता, न्यायप्रियता, योग्य शासन के किस्से जनश्रुतियों में मौजूद हैं।
चोरी और चमत्कार!

देवी अहिल्याबाई के अनेक चमत्कारी किस्सों में एक किस्सा उनके सोने के झूले का है। महेश्वर स्थित राजबाड़ा (किले) में मां अहिल्याबाई का सोने का झूला बताया जाता है। बरसों पहले कुछ चोरों ने उसे चुराने का दुष्प्रयास किया था। चोर आसानी से उसे चुराकर महेश्वर से पूर्व में लगभग 25-30 किमी धरगांव के आसपास तक ले आए, मगर धरगांव पार करने के पहले ही उनकी आंखों की ज्योति चली गई और वे पकड़ा गए।
आस्था और विश्वास

एक देवी के रूप में विख्यात अहिल्याबाई होलकर ने जहां ममतामयी के समान अपनी प्रजा का ध्यान रखा, वहीं न्यायप्रियता को लेकर अपनों तक को भी नहीं बख्शा। उनके धर्म, न्याय आदि-इत्यादि के किस्से बरसों से जनश्रुतियों में मौजूद हैं। इन किस्सों में कई किस्से चमत्कारिक लगते हैं। इनके सच-झूठ में पड़ने से पहले ये समझ लेना चाहिए कि अहिल्याबाई आज भी जन-जन के हृदय में एक देवी रूप में विराजित हैं और उनके किस्सों में जनता की भावना, आस्था और विश्वास समाहित है।अहिल्याबाई होलकर का नाम सुनते ही लोगों के दिल में उनके प्रति भक्ति भावना जाग उठती है और उनके प्रति सिर श्रद्धा से झुक जाता है। देवी अहिल्याबाई होलकर के प्रति श्रद्धा रखने वालों में 50-60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या लगभग 97 प्रतिशत मानी जा सकती है, वहीं 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या लगभग 66 प्रतिशत है। इसी प्रकार 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे लोगों की संख्या 45-50 प्रतिशत के लगभग मानी जा सकती है।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार
आभार व्यक्त तो कीजिए। फिर देखिए, उसकी सुगंध कैसे आपके रिश्तों को अद्भुत स्नेह से सींचती ...

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है
थोड़ा समय अपने शौक को देंगे तो आपको अपना आराम और मनोरंजन पूर्ण महसूस होगा।

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?
भले ही आप चेहरे से कितनी ही खूबसूरत क्यों न हों, देखने वालों की नजर कुछ ही मिनटों में ...

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें
जिस तरह बालों को सॉफ्ट और शाइनी बनाने के लिए आप हेयर कंडीशनिंग करते हैं, उसी तरह से त्वचा ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम की बातें
लगातार बैठे रहने और कम मेहनत करने वालों का पेट बाहर आ जाता है लेकिन यह जरूरी नहीं है... ...

रोहिणी थीं चंद्र की प्रिय पत्नी, क्रोधित ससुर ने दिया शाप, ...

रोहिणी थीं चंद्र की प्रिय पत्नी, क्रोधित ससुर ने दिया शाप, शिव ने रखा शीश पर
चंद्र का विवाह दक्ष प्रजापति की 27 नक्षत्र कन्याओं के साथ संपन्न हुआ। चंद्र का रोहिणी पर ...

ऐसे हुआ सुंदर चमकीले चंद्रदेव का जन्म, पढ़ें पौराणिक कथा

ऐसे हुआ सुंदर चमकीले चंद्रदेव का जन्म, पढ़ें पौराणिक कथा
चंद्रमा के जन्म की कहानी पुराणों में अलग-अलग मिलती है। मत्स्य एवम अग्नि पुराण के अनुसार ...

मैक्सिको से सीखें हम नेताओं को सुधारने के गुर

मैक्सिको से सीखें हम नेताओं को सुधारने के गुर
मैक्सिको के चिचीकुइला शहर के महापौर अल्फांसो मोंटीएल ने अपने चुनावी प्रचार में शहर के ...

पूर्णिमा 29 मई को, क्या है इस दिन का धार्मिक और वैज्ञानिक ...

पूर्णिमा 29 मई को, क्या है इस दिन का धार्मिक और वैज्ञानिक रहस्य
जब पूर्णिमा आती है तो समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पन्न होता है, क्योंकि चंद्रमा समुद्र के जल ...

उम्र को बढ़ने से रोकेगा यह ड्रायफ्रूट, इसके फायदे भी हैं ...

उम्र को बढ़ने से रोकेगा यह ड्रायफ्रूट, इसके फायदे भी हैं खूब, जानिए कैसे करें सेवन
आप मखाने के चार दानों का सेवन करके शुगर से हमेशा के लिए निजात पा सकते है। इसके सेवन से ...