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चंद्रकांत देवताले की कविता : मां के लिए संभव नहीं कविता

मंगलवार,अगस्त 15, 2017
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मां बनने का अर्थ है जीवन में नई जिम्मेदारियों से रूबरू होना। एक स्त्री, जो मां बनने वाली है, उसे अपने आपको मानसिक व ...
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पापा को पकोड़े पसंद है,भाई को खीर और दादी को मीठी थुली, सब याद था उन्हें, पर उन्हें ...कभी जाना ही नहीं। कोई रंग बताया ...
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मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक दिवस नहीं एक सदी भी कम है। किसी ने कहा है ना कि सारे सागर की स्याही बना ली ...
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क्या इस दिन पर हर युवक अपनी मां को स्पर्श कर यह कसम खा सकता है कि नारी जाति का अपमान न वह खुद करेगा और न कहीं होते हुए ...
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मां तुम जो रंगोली दहलीज पर बनाती हो उसके रंग मेरी उपलब्धियों में चमकते हैं मां तुम जो समिधा सुबह के हवन में डालती ...
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यहूदियों में भी मां को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उनकी धार्मिक मान्यता के मुताबिक़ कुल 55 पैग़म्बर हुए हैं, ...
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मंदिर की ही देहरी पर मां को स्तनपान करवाते करवाते नानीजी स्वर्ग सिधार गईं और मेरी मां अबोध एक वर्ष की बालिका स्तनपान ...
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ईश्वर हर जगह नहीं पहुंच सकता इसीलिए उसने मां बना दी। जो हर किसी की होती है, हर किसी के पास होती है। शारीरिक उपस्थिति ...
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हर साल मई माह के दूसरे रविवार को दुनिया भर में मदर्स डे यानि मातृ दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस सुअवसर पर हम मां के ...
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मां है तो सब कुछ है, मां नहीं तो कुछ नहीं बिन मां के, न सजे बेटी का मायका न पकवान में हो जायका न घर की देहरी पर, ...
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धूप हुई तो आंचल बनकर कोने-कोने छाई अम्मा, सारे घर का शोर-शराबा, सूनापन, तन्हाई अम्मा. उसने ख़ुद को खोकर मुझमें एक ...
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मेरी प्यारी-प्यारी मां मेरी भोली-भोली मां प्यार हमसे तुम करती हो कठोर दिखावा करती हो हम हंसते हैं तो हंसती हो ...
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सदियों से बदले दौर ने हर एक को बदला यहां तू न बदली मां मगर हर रोज़ बदला ये जहां तू है तो दिन है रात है तू ...
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दिवस, मातृ और दिवस शब्दों से मिलकर बना है जिसमें मातृ का अर्थ है मां और दिवस यानि दिन। इस तरह से मातृ दिवस का मतलब होता ...
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वसंत तुमसे सचमुच अलग नहीं है। दूर कहीं कुहुक रही है कोयल, मुझे ऐसा लग रहा है तुम आंगन में खड़ीं अपनी मीठी आवाज ...
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मातृत्व वह भाव है, जो सिर्फ ममता की तरंगों से तरंगित होता है, और मोह के धागों में बंधकर आनंद के घुंघरुओं में खनकता है। ...
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किसी धुंधलके में मैं तुम्हारा प्रसन्न मुख देखता हूं या जब परीक्षा के दिन होते हैं तभी करुणा के सारे अर्थ मेरी समझ ...
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मां, तुम उदास मत होना, कि तुम्हारे लिए सिर्फ एक दिन रखा गया जब तुम्हें याद किया जाएगा! बस, यह मनाओ कि बचा रहे ...
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चांद कटोरी, अम्मा चावल खीर-सी मीठी अम्मा हर पल जीवन निष्ठुर अम्मा संबल मैं बेकल तो अम्मा बेकल। पढ़ें मां पर रसीली ...
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