शेरो-अदब
हमारी पसंद
मजमून
नई शायरी
नज़्म
आज का शेर
ग़ालिब के ख़त
मुख पृष्ठ
>
विविध
>
उर्दू साहित्य
>
आज का शेर
>
नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिए
सुझाव/प्रतिक्रिया
मित्र को भेजिए
यह पेज प्रिंट करें
नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिए
नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिए,
पंखुड़ी इक गुलाब की सी है----------------- मीर
संबंधित जानकारी खोजें
यह भी खोजें:
मीर
,
आज का शेर
,
पंखुड़ी
,
Aaj ka sher
,
Meer
और भी
•
क़द्र रखती न थी मता-ए-दिल,
•
जला के देख लिया
•
किसी का साथ हमें रास ही नहीं
•
तेरा हमसफर कहाँ है
•
आखिर वो खफ़ा है किसलिए
•
अपना घर भी अपना घर नहीं लगता