मुख पृष्ठ > विविध > उर्दू साहित्‍य > आज का शेर > तेरा हमसफर कहाँ है
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजिएयह पेज प्रिंट करें
 
तेरा हमसफर कहाँ है
उन रास्तों ने जिन पर कभी तुम थे साथ मेरे,
मुझे रोक-रोक पूछा, तेरहमसफकहाहै
संबंधित जानकारी खोजें
और भी
आखिर वो खफ़ा है किसलिए
अपना घर भी अपना घर नहीं लगता
इश्क़ की कौन इंतिहा लाया
तुम्हारी आँखों की तोहीन है
मोहब्बत ऐसा खेल है
गिरता हुआ घर थाम लिया