यादों के आईने में : उज़ैर ई. रहमान की ग़ज़ल और नज़्म का संकलन

शुक्रवार,सितम्बर 22, 2017
पिछले कई सालों से साइबर अपराधों को देखते सुलझाते ये बात सामने आई कि हिंदी में साइबर अपराध पर कोई ऐसी किताब नहीं है जो ...
सुधा ओम ढींगरा की कहानियां इस दृष्टि से महत्वपूर्ण कहानियां होती हैं कि वे कहानियां एक साथ दो देशों, दो संस्कृतियों, दो ...
नई सदी के प्रारंभ के चार-पांच वर्षों में हिन्दी कहानी एकदम से चेहरा बदल कर सामने आई। यह जो परिवर्तन दिखाई दिया, यह उन ...
डॉ. राहत इंदौरी की नुमाइंदा शायरी के एक संकलन की ज़रूरत बहुत दिनों से अनुभव की जा रही थी। राहत की तीन उर्दू पुस्तकें और ...
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मूल्यों के अवमूल्यन, नैतिकता के क्षरण तथा संबंधों के हनन को दिनोदिन सशक्त करती तथाकथित आधुनिक जीवनशैली विसंगतियों और ...

आज बादल बनकर बरस जाना है

रविवार,अगस्त 6, 2017
इस काव्य संग्रह की कविताएं जहाँ एक ओर प्रेरणा का स्त्रोत है, वही दूसरी ओर मन में छुपे नन्हे पौधो का उपवन भी है। हर रचना ...
नरेन्द्रजी ने बहुत ही सरल भाषा में इन कविताओं की रचना की है, जो उनकी साहित्यिक परिपक्वता को परिलक्षित करती हैं। ...
प्रभात प्रकाशन इन दिनों "देश विदेश की लोककथाएं" शीर्षक से विश्व की लोककथाओं का एक संकलन तैयार कर रहा है, जिसमें 600 से ...
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इस संग्रह में एक वरदान मांगा गया है कि जिंदगी का रमणीय सतरंगी बुलबुला व्यर्थ न हो, कि दरख्तों से झांकता रोशन सूर्य अस्त ...
यह उपन्यास स्मृतियों की किस्सागोई है, जिसके केन्द्र में इतिहास प्रवर्तक घटनाएं और व्यक्तित्व नहीं हैं। हो भी नहीं सकते, ...
अश्वत्थामा का अमरत्व वर्षों से अनेक मिथकों का हिस्सा रहा है। बचपन से ही हम अश्वत्थामा की अमरता की कहानियां सुनते आए ...
प्रख्यात ओड़िया कथाकार गौरहरि दास की कहानियां पहली नजर में ही गांवों के यथार्थपरक चित्रों और यादगार चरित्रों से पाठक को ...
इसमें अनेक अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सवों की विशेष रपटें हैं, जो लेखकीय दृष्टिकोण से लिखी गई हैं और बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। ...
अनुप्रिया वायलिन अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम "संगीत… शब्दों से परे" में वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित वरिष्ठ कवि ...
फसक' उत्तर-सत्य वाले इस दौर की एक जीती-जागती तस्वीर है, जहां ‘अच्छे दिन’ के नाम पर अफवाह, अंधविश्वास और फिरकापरस्ती के ...
विजय नामदेव की पुस्तक 'मेरी तुम' जब मुझे समीक्षार्थ मिली तो उसका शीर्षक 'मेरी तुम' पढ़कर कुछ अजीब-सा लगा। मुझे लगा के ...
पुस्तक ‘मोदी युग’ का शीर्षक देखकर प्रथम दृष्टया लगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्तुति में धड़ाधड़ प्रकाशित हो रही ...
अगर आप किताब पढ़ने के शौकीन हैं और रहस्यों व अनुमानों के समुंदर में गोते लगाना पसंद करते हैं तो यह किताब आपके लिए है।
आपमें से कितने लोग जानते हैं कि महाभारत का कुटुंब सूर्यवंशी है या चंद्रवंशी? या रामायण किस युग में घटी? या पूजा की थाली ...