बाल साहित्य : मैं और प्रभु

प्रभु! मैं हूं दर्शनाभिलाषी आपका, मैंने ईश्वर से यह विनय किया। चाहता हूं मैं मार्गदर्शन आपका, तब प्रभु ने यह उत्तर दिया।

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बाल साहित्य : मत कर होशियारी

चोरी करना छोड़ दे बबलू मत कर ये होशियारी। बात पता जब चल जाएगी मारेगी महतारी।

बाल दुनिया : अगर मैं चिड़िया होती

काश! अगर मैं चिड़िया होती, दूर-दूर उड़ जाती। घूम-घाम कर दूर गगन में, अपना मन बहलाती।। ऊपर ...

बाल लेखनी : किसान का बेटा

माना गरीब हूं मैं बेटा किसान का, मैं ही बनूंगा गौरव भारत महान का। मेरे घर नहीं तिजोरी, ...

बाल साहित्य : मैं चलता चला गया

राह की दिक्कतों को सहता चला गया, अपने सभी गम भुलाता चला गया। हरदम प्रभु का नाम ही कहता ...

बाल साहित्य : कचरा फेंको, कचरा घर में

झाड़ू रोज लगाते घर में, साफ-सफाई कराते घर में। किंतु कचरा वहीं इकट्‍ठा, भरकर सब रखवाते घर ...

बाल कविता : रिक्शा चालक

पता नहीं क्यों लोग मुझे, घृणा की नजर से देखते हैं। गाली की बौछार के साथ हम पर हाथ सेंकते ...

बाल कविता : करुणा दया प्रेम का भारत ‌

भारत मां का शीश हिमालय‌ चरण हैं हिन्द महासागर, मातुश्री के हृदय देश में बहती गंगा ...

बाल कविता : चंदा मामा

चंदा मामा चंदा मामा। कब हलुवा पूड़ी खिलाओगे। अपने भांजे से मिलने हेतु। कब छत पर

बाल कविता : नए साल क्या-क्या बदलें?

बोलो-बोलो क्या-क्या बदलें, हवा और क्या पानी बदलें? स्वच्छ चांदनी रातें बदलें, या फिर धूप ...

बाल कविता : ठीक नहीं है मूर्ख बनाना

चुहिया रानी रंग-बिरंगी, स्वेटर बुनकर लाई। बड़े प्रेम से अपने भाई, चूहे को पहनाई। वह भी ...

बाल साहित्य : गांधी की, मोदी की शिक्षा

बीच सड़क पर मुन्ना-मुन्नी ने कचरा फैलाया। तुरत पड़ोसी दादाजी ने बीना और हटाया। बोले बच्चो ...

बाल साहित्य : तर्क से नई खोजें

कभी बनो मत रट्टू तोता। समझो दुनिया में जो होता।। क्यों होते हैं दिन और रात। क्यों ठंडी, ...

बाल कविता : चंदा-तारे

चंदा ना उतरे धरती पर, तारे भी ना हाथ मिलाते। क्यों ना अम्मा सप्त ऋषि अब, हम बच्चों से हैं ...

बाल कविता : गौरेया के हक में

गांव के चौपाल में चहकती गौरेया, मीठे-मीठे गीत सुनाती गौरेया गुड़िया को धीरे से रिझाती ...

बाल दिवस पर कविता : एक जवाहरलाल

राष्ट्रवाटिका के पुष्पों में, एक जवाहरलाल। जन्म लिया जिस दिन लाल ने, दिवस कहाया बाल॥

बाल साहित्य : दादी मां मेरी प्यारी-प्यारी

दादी मां मेरी प्यारी-प्यारी मुझको कहती राजकुमारी, अच्छी-अच्छी बातें कहती मैं रूठूं तो ...

बाल साहित्य : बंदर मामा, पहन पजामा

बंदर मामा, पहन पजामा निकले थे बाजार, जेब में उनके कुछ थे पैसे करना था व्यापार। एक दुकान ...

बाल कविता : इनको करो नमस्तेजी

आज गांव से आए काका, इनको करो नमस्तेजी। जब-जब भी वे मिलने आते, खुशियों की सौगातें लाते। ...

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लाइफ स्‍टाइल

सउदी अरब में 3 भारतीयों को फांसी से बचाया

रियाद। सउदी अरब में एक भारतीय कारोबारी की ओर से 'ब्लड मनी' अदा करने के बाद उन तीन भारतीयों को फांसी ...

ब्रिटेन में भारतीय को मानसिक चिकित्सा की सजा

अपनी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए ब्रिटेन में 34 वर्षीय भारतीय मूल के एक व्यक्ति को ...

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जरुर पढ़ें

मीठे सेब के 10 चमत्कारी गुण

सेबफल को सीधे ही खाया जा सकता है या फ्रूट सलाद का हिस्सा भी बनाया जा सकता है। इसे नियमित तौर पर ...

अगर आपके बाल तैलीय हैं तो इसे जरूर पढ़ें..

अगर आपके बाल साधारण तौर पर घने हैं पर फिर भी चिपके से लगते हैं तो आपके बाल निश्चित तौर पर ऑइली हैं। ...

हिन्दी साहित्य : कैलाश से सत्य तक

आइए मैं ले चलूं, आपको कैलाश से सत्य तक की यात्रा में, सत्यार्थीजी के साथ। सत्य के शोधार्थी हैं आप, ...