बाल कविता : घर जैसे

हर प्यासे को पानी देना और भूखे को रोटी। दया, प्रेम, ममता, करुणा की, ये ही एक कसौटी।

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बाल साहित्य : मेरी प्रतिज्ञा...

आज से मेरी यही प्रतिज्ञा, रोज सुबह उठ जाऊंगा।। पहले घर में पढ़ा करूंगा, फिर स्कूल को ...

बाल साहित्य : हमारी मां अगर होती

हमारी मां अगर होती, हमारे साथ में पापा। न आने दुख कभी देती, हमारे पास में पापा। सुबह तो ...

बाल साहित्य : उड़ चली गगन में

मुक्त भाव से उड़ती ऊपर, लगती है चितचोर पतंग। बाग तोड़कर, नील गगन में, करती है घुड़दौड़ ...

बाल कविता : ऐसी एक पतंग बनाएं

ऐसी एक पतंग बनाएं, जो हमको भी सैर कराए। कितना अच्छा लगे अगर, उड़े पतंग हमें लेकर। पेड़ों ...

बाल साहित्य : किसी और की रचना

गेंडे ने भालू की थाने में, रिपोर्ट लिखवाई। मेरी लिखी कहानी उसने, अपने नाम ...

कविता : सियार की शादी

चूहा आता ढोल बजाते। बिल्ली तान लगाती है। मेंढक बाबा फुदक के चलते। छू-छू गीत सुनाती ...

बाल कविता : मैं बाबा हूं काशी वाला

मैं बाबा हूं काशी वाला। तुम्हें हंसाने आया हूं। देखो बच्चों बड़े स्वाद की। तुम्हें मिठाई ...

बाल कविता : बड़ों की शिक्षा

पहले जरा हाथ तो धो लो, साथ लाए जो डिब्बा खोलो। रखा है उसमें पूड़ी-अचार, मिला है ...

कविता : तो दुनिया में कोई भी बीमार न पड़ता

कुआं खोदने पर भीतर से दूध निकलता, तो दुनिया में कोई भी बीमार न पड़ता। रोज सुबह से बड़ी ...

कविता : नववर्ष का स्वागत...

नववर्ष तुम्हारे स्वागत में, हम सपनों संग महल सजाए हैं। त्योहार मनाने हम दिल्ली से, हम ...

जाड़े की कविता : शीत की ठिठुरन

कंपकंपा रहे हैं बंदर, शीत की ठिठुरन से। अकड़कर रह गई हैं गाय-बकरी, लाख दुत्कारे जाने पर ...

बाल साहित्य : मेरे ईश्वर

प्रभु! लोभ, स्वार्थ का क्या तात्पर्य है? प्रभु बोले- 'इस पर मेरा यह उत्तर है, लोभ सारी ...

हिन्दी बाल साहित्य : सफलता

देख रास्ते खुले हुए हैं, तुम्हें अब बढ़ना बाकी है। रुके न तू, नहीं थके तू कभी, तेरा अंत ...

बाल कविता : भुट्टे

जब बाजार तुम भैया जाना, थोड़े से भुट्टे ले आना। मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, सिके सिकाए ...

बाल कविता : बिल्ली मौसी

भूखी-प्यासी बिल्ली मौसी, क्या इसको दूध पिलाऊं मां। कई दिनों से नहीं नहाई, क्या इसको ...

क्रिसमस पर कविता : ईसा के संदेश

जीवन के हर मोड़ पर, अभावों में जो पलते रहे हैं। सपने जिनकी आंखों में भरने से पहले, तिड़कते ...

बाल साहित्य : बेंगन भर्ता

यह बेंगन तो हरा-हरा है, ताजा बिल्कुल खरा-खरा है। चूल्हे में इसको भूना है,

बाल साहित्य : मैं और प्रभु

प्रभु! मैं हूं दर्शनाभिलाषी आपका, मैंने ईश्वर से यह विनय किया। चाहता हूं मैं मार्गदर्शन ...

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लाइफ स्‍टाइल

जानिए अपने शरीर के सात चक्र, कैसे करें उन्हें जाग्रत

यह शरीर का पहला चक्र है। गुदा और लिंग के बीच 4 पंखुरियों वाला यह 'आधार चक्र' है। 99.9% लोगों की ...

अकबर-बीरबल की आधुनिक कथा...

हाल ही की बात है। अकबर-बीरबल सभा में बैठकर आपस में बात कर रहे थे। अकबर : मुझे इस राज्य से पांच ...

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लजीज तिल-खोया की चक्की

सबसे पहले तिल कड़ाही में डालकर हल्के-से भून लें। अब मावे को भून लें। भुनी हुई तिल ठंडी होने पर ...

जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल 2015 : 21 से

जयपुर साहित्य मेला 2015 में इस बार भी कला, साहित्य और काव्य के क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों के साथ ...

एनआरआई को भी मिलेगा मतदान का अधिकार!

नई दिल्ली। भारतीय मूल के लोगों को कई सौगातें देने के बाद केंद्र सरकार प्रवासी भारतीयों को ...

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