मनोरंजक कविता : बिल्ले से बोली बिल्ली

बिल्ले से बोली बिल्ली, अगर ना मिली दिल्ली। अगर ना मिली दिल्ली मैं कुछ ऐसा कर जाऊंगी

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बाल साहित्य : गाने गाते

रामधनी के घर जो आए, वे रहते हैं रामनगर। गाना गाते, शोर मचाते आते फिर दरवाजे पर। रामधनी ...

कविता : मैं लड्डू ले आऊं, तो उसको खा लेना तुम

अगर एक कविता मैं लिख लूं तो उसको गा देना तुम। अगर एक लड्डू ले आऊं तो उसको खा लेना तुम। ...

दीपोत्सव विशेष : दिवाली की रात में

दिवाली की रात में, दीये जलाते लोग। मां लक्ष्मी को पूजते, चढ़ा-चढ़ाकर भोग। चढ़ा-चढ़ाकर भोग, ...

नन्ही कलम से : चंदा चुपके छुपके बैठा

चंदा चुपके छुपके बैठा छज्जे पे उसको ढूंढ रहे हैं तारे दरवज्जे पे चंदा चुपके छुपके बैठा ...

दिवाली पर कविता : कुंभकार

दिनभर माटी में रहता है, माटी से ‍बतियाता। कुंदन जैसा तपा-तपाकर, सुंदर कुम्भ बनाता।। कभी ...

दीपावली पर कविता : दीप पर्व

है दीप पर्व आने वाला, हमको भी दीप जलाना है, मन के अंदर जो बसा हुआ, सारा अंधियार मिटाना ...

कविता : दीपों का त्योहार

आया दीपों का त्योहार। लाया खुशियों का उपहार।। जले फुलझड़ी जले अनार। बच्चों का प्यारा ...

बाल साहित्य : अच्छी लगती है दिवाली

लगता है बड़ा अच्छा, दिवाली का ये त्योहार पापा। मिलते हैं ढेरों उपहार, और मिलता है प्यार ...

बाल साहित्य : तोते की सीख‌

सुबह-सुबह जल्दी से उठकर, तोता कहता नमस्कारजी। छोड़ो आलस, बिस्तर त्यागो। जागो रजनी, दीपक ...

बाल साहित्य : आई दिवाली...

आई दिवाली, छाई दिवाली। सबके मन को भाई दिवाली। दिवाली त्योहार है अच्छा, जिसे मनाता है हर ...

बाल कविता : जेसीबी की बड़ी मशीन

कुछ मीठी, कड़वी, नमकीन, जेसीबी की बड़ी मशीन। बांध, सड़क, पुल जहां बनाती, मीठापन आभास कराती। ...

बाल साहित्य : अब मत चला कुल्हाड़ी

अब मत चला कुल्हाड़ी बंदे, अब मत चला कुल्हाड़ी। देख रहा तू इसी कुल्हाड़ी, ने काटे कई ...

कविता : चन्दा मामा

चन्दा मामा अच्छे मामा दूर-दूर क्यों रहते हो। मेरी अम्मा रोज बुलाती क्यों रूठे-रूठे रहते ...

बात याद है गांधी वाली

झाड़ू लेकर साफ-सफाई, कर दी अपने कमरे की। टेबिल कंचन-सी चमकाई। कुर्सी की सब धूल उड़ाई। ...

राख करो फिर से लंका

जगे भवानी देश की, उठे भवानी देश की। ध्वजा नहीं झुकने देंगे, अपने पावन देश की।। मेघनाद ...

बापू पर कविता : प्रजातंत्र के रखवाले...

बापू हमारे देश में, नेता हैं खादी के वेश में, प्रजातंत्र के रखवाले हैं, देश इनके हवाले है ...

बाल साहित्य : सत्य की राह..

बापू जैसा बनूंगा मैं, राह सत्य की चलूंगा मैं। बम से बंदूकों से नहीं, बापू जैसा लडूंगा

चटपटी कविता : चूहे चाचा की शादी में...

चूहे चाचा की शादी में, बारिश हुई अपार। दो सौ लोग बुलाए उसने, पहुंचे केवल चार।। चले बाराती ...

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लाइफ स्‍टाइल

प्रभावी व्यक्तित्व की पहचान, बोली में मिठास

उचित-अनुचित का ज्ञान रखकर बोलने से आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली बन सकता है। इसलिए आवश्यक है। तोल-मोल ...

सरदार वल्लभ भाई पटेल : आधुनिक राष्ट्र निर्माता

सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा काल में ही ...

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रोचक प्रश्नावली : क्या आप अपनी पत्नी को जानते हैं?

पत्नी नई नवेली या बरसों बरस की साथी। अक्सर किसी पहेली से कम नहीं होती। समझ में नहीं आता उसे क्या ...

ठंड में हॉर्स पॉवर चाहिए, तो रोज लीजिए चना

ताकतवर तो हाथी भी होता है पर किसी इंजन की शक्ति को एलीफेंट पॉवर नहीं कहा जाता, क्योंकि हाथी में बल ...

मीठा शाही खाजा

सबसे पहले मैदे को छानकर, उसमें गर्म किया घी और नमक मिलाकर मलाई से पूरी के आटे की तरह गूंथे। 15-20 ...

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