नेहरू की विनोदप्रियता

एक बार एक बच्चे ने ऑटोग्राफ पुस्तिका नेहरूजी के सामने रखते हुए कहा- साइन कर दीजिए। बच्चे ने ऑटोग्राफ देखे, देखकर नेहरूजी से कहा- आपने तारीख तो लिखी ही नहीं!

बाल दिवस मनाने से पहले बचपन को सहेजे

क्या चाचा नेहरू का यही स्वप्न था। बच्चों के प्यारे चाचा आज के भारत में हो रही बच्चों की ये दुर्दशा यदि देख पाते तो शायद उनका हृदय विदीर्ण हो ...

चाचा नेहरू : प्यार और सपनों का दूसरा नाम

सृष्टि की सुंदर वाटिका में खिले तरह-तरह के फूलों की गंध, रूप, रस और रंग का आकर्षण और सौंदर्य भी जुदा-जुदा होता है। इलाहाबाद के 'आनंद भवन' में ...

बनता-संवरता-बदलता बचपन

आज का बचपन किन परिस्थितियों में उलझा है, कैसे-कैसे दबाव उन पर हैं और कितनी ही सुविधाओं से संपन्न है फिर भी परेशान है। बाल दिवस पर हमने बात की ...

बच्चों के प्यारे चाचा नेहरू

वे करिश्मों वाले आदमी थे। और बच्चों में एक सहज प्रवृत्ति होती है कि वे करिश्मे वाले आदमी को बहुत प्यार करते हैं। प्यार सबसे बड़ा करिश्मा है। ...

चाचा नेहरू की ताजगी के 3 राज

टेलीविजन पर पंडितजी जब पहली बार आए तब वहां पर उपस्थित एक वृद्ध सज्जन ने उनसे पूछा, 'पंडितजी, आप भी सत्तर से ऊपर हैं, मैं भी। लेकिन क्या वजह है ...

आत्मनिर्भर बनो – नेहरू

नेहरूजी इंग्लैंड के हैरो स्कूल में पढ़ाई करते थे। एक दिन सुबह अपने जूतों पर पॉलिश कर रहे थे तब अचानक उनके पिता पं. मोतीलाल नेहरू वहां जा पहुंचे।

बाल मन के नाजुक सवाल

साहिर लुधियानवी के गीत के बोल देश में बच्चों की महत्ता को साफ जाहिर करते हैं। आज जब पूरा विश्व बुजुर्ग हो रहा है। भारत दिन ब दिन जवां हो रहा है ...

बाल दिवस : नन्हों के अधिकार

भारत का संविधान,संयुक्त राष्ट्र की योजनाओं के ही अनुरूप बच्चों के संरक्षण एवं अधिकारों की रक्षा के लिए कई सुविधाएं देता है। देश का संविधान हर ...

बहुत याद आता है बचपन...

हर किसी को अपना बचपन याद आता है। हम सबने अपने बचपन को जिया है। शायद ही कोई होगा, जिसे अपना बचपन याद न आता हो। बचपन की अपनी मधुर यादों में ...

बच्चे हमें सिखाते हैं

हम सचमुच बच्चों का खेल देखना भूल गए हैं? इस बाल दिवस पर क्या हमें बच्चों का खेल फिर से देखना शुरू नहीं करना चाहिए? वे हमें जिंदगी का असल खेल ...

नेहरू चाचा तुम्हें सलाम।

नेहरू चाचा तुम्हें सलाम। अमन-शांति का दे पैगाम॥ जग को जंग से बचाया। हम बच्चों को भी मनाया॥ जन्मदिवस बच्चों के नाम। नेहरू चाचा तुम्हें सलाम॥ देश ...

कैसे थे चाचा नेहरू

देश के जननायक, आधुनिक भारत के निर्माता और विश्व शांति के अग्रदूत, न जाने कितने संबोधनों से भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. जवाहरलाल नेहरू को ...

सिर्फ रस्म अदायगी है बाल दिवस!

श्री जवाहरलाल नेहरू बच्चों के चाचा नेहरू थे और वे बच्चों की चमकीली आंखों में भारत का उज्जवल भविष्य देखते थे। बच्चों के नाम पर नेहरूजी के जन्मदिन ...

खट्टा-मीठा प्यारा बचपन

बचपन आज भी भोला और भावुक ही होता है लेकिन हम उन पर ऐसे-ऐसे तनाव और दबाव का बोझ डाल रहे हैं कि वे कुम्हला रहे हैं। उनकी खनकती-खिलखिलाती ...

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सामयिक

वेबदुनिया और हिन्दी एक दूसरे के पर्याय- प्रकाश हिन्दुस्तानी

वरिष्ठ पत्रकार और वेबदुनिया के पहले संपादक प्रकाश हिन्दुस्तानी ने कहा कि 23 सितंबर 1999 को शुरु हुआ ...

2000

आज चैटिंग बहुत आम हो गई है। 2000 में ही चैटिंग सेवा की शुरुआत की गई थी। वेब पत्रकारिता जगत में यह ...

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प्रवासी साहित्य : चलो आज हम दीप जलाएं

नहीं प्रधानमंत्री के घर में नहीं प्रशासन के परिसर में ना महलों की प्राचीरों पर नहीं कलेक्टर के ...

बाल कविता : संस्कार की ज्ञान संपदा

डांट-डांट कर पापाजी ने, मम्मी से हिन्दी बुलवाई। वैसे तो मेरी मम्मी को, अच्छी हिन्दी आती है। पता ...

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