चाचा नेहरू की जिंदादिली के रोचक किस्से

पंडित जवाहरलाल नेहरू का व्यक्तित्व निराला था। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी रहे नेहरूजी जब भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने तब वे लगभग 58 वर्ष के ...

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गुम होते बचपन के लिए जिम्मेदार कौन?

बाल दिवस, हर साल मनाया जाने वाला त्योहार। पर लगता है दुनिया में धीरे-धीरे बच्चों का अकाल ...

बाल दिवस : बच्चे को कैसे आएंगे संस्कार!

बच्चों में संस्कारों का विकास हमेशा अपने से बड़ों को देखकर ही होता है इसलिए अपने आचरण को ...

जानिए पं. जवाहरलाल नेहरू की खास बातें

स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद ...

बाल दिवस : नेहरूजी का बाल प्रेम

जब पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री थे और तीन मूर्ति भवन उनका सरकारी निवास था। ...

कविता : नेहरू चाचा तुम्हें सलाम

नेहरू चाचा तुम्हें सलाम। अमन-शांति का दे पैगाम॥ जग को जंग से बचाया। हम बच्चों को भी ...

नेहरू की विनोदप्रियता

एक बार एक बच्चे ने ऑटोग्राफ पुस्तिका नेहरूजी के सामने रखते हुए कहा- साइन कर दीजिए। बच्चे ने ऑटोग्राफ देखे, देखकर नेहरूजी से कहा- आपने तारीख तो ...

नेहरू का बच्चों के प्रति प्यार

प्रसिद्ध अंगरेजी साप्ताहिक 'शंकर्स वीकली' द्वारा बच्चों की लिखावट एवं चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस ...

बाल दिवस : उड़ान नन्हे सपनों की

बचपन का हर दिन खुशियों से भरा होता है और अगर बात बाल दिवस की हो तो फिर क्या कहना। 14 नवंबर यानी कि बाल दिवस एक ऐसा दिन जब बच्चों का बोलबाला रहता ...

बाल दिवस मनाने से पहले बचपन को सहेजे

क्या चाचा नेहरू का यही स्वप्न था। बच्चों के प्यारे चाचा आज के भारत में हो रही बच्चों की ये दुर्दशा यदि देख पाते तो शायद उनका हृदय विदीर्ण हो ...

चाचा नेहरू : प्यार और सपनों का दूसरा नाम

सृष्टि की सुंदर वाटिका में खिले तरह-तरह के फूलों की गंध, रूप, रस और रंग का आकर्षण और ...

बनता-संवरता-बदलता बचपन

आज का बचपन किन परिस्थितियों में उलझा है, कैसे-कैसे दबाव उन पर हैं और कितनी ही सुविधाओं से संपन्न है फिर भी परेशान है। बाल दिवस पर हमने बात की ...

बच्चों के प्यारे चाचा नेहरू

वे करिश्मों वाले आदमी थे। और बच्चों में एक सहज प्रवृत्ति होती है कि वे करिश्मे वाले आदमी को बहुत प्यार करते हैं। प्यार सबसे बड़ा करिश्मा है। ...

चाचा नेहरू की ताजगी के 3 राज

टेलीविजन पर पंडितजी जब पहली बार आए तब वहां पर उपस्थित एक वृद्ध सज्जन ने उनसे पूछा, 'पंडितजी, आप भी सत्तर से ऊपर हैं, मैं भी। लेकिन क्या वजह है ...

आत्मनिर्भर बनो – नेहरू

नेहरूजी इंग्लैंड के हैरो स्कूल में पढ़ाई करते थे। एक दिन सुबह अपने जूतों पर पॉलिश कर रहे थे तब अचानक उनके पिता पं. मोतीलाल नेहरू वहां जा पहुंचे।

बाल मन के नाजुक सवाल

साहिर लुधियानवी के गीत के बोल देश में बच्चों की महत्ता को साफ जाहिर करते हैं। आज जब पूरा विश्व बुजुर्ग हो रहा है। भारत दिन ब दिन जवां हो रहा है ...

बाल दिवस : नन्हों के अधिकार

भारत का संविधान,संयुक्त राष्ट्र की योजनाओं के ही अनुरूप बच्चों के संरक्षण एवं अधिकारों की रक्षा के लिए कई सुविधाएं देता है। देश का संविधान हर ...

बहुत याद आता है बचपन...

हर किसी को अपना बचपन याद आता है। हम सबने अपने बचपन को जिया है। शायद ही कोई होगा, जिसे अपना बचपन याद न आता हो। बचपन की अपनी मधुर यादों में ...

बच्चे हमें सिखाते हैं...

हम सचमुच बच्चों का खेल देखना भूल गए हैं? इस बाल दिवस पर क्या हमें बच्चों का खेल फिर से देखना शुरू नहीं करना चाहिए? वे हमें जिंदगी का असल खेल ...

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